विटामिन की कमी से होने वाले रोग का चार्ट | Vitamin ki kami se hone wale rog ka chart

नमस्कार दोस्तों, मनुष्य शरीर में होने वाली शारीरिक कमियों को विटामिन्स के माध्यम से से दूर किया जाता हैं, विटामिन्स शरीर को स्वस्थ्य रखने और विकास के लिए बहुत जरुरी होता हैं चलिए जानते हैं विटामिन की कमी से होने वाले रोग का चार्ट (Vitamin ki kami se hone wale rog ka chart) – 

विटामिन की कमी से होने वाले रोग का चार्ट (Vitamin ki kami se hone wale rog ka chart) – 

Vitamin ki kami se hone wale rog ka chart

विटामिन्स की कमी रोग
विटामिन A रतौंधी, जीरोप्थैलमिया
विटामिन B बेरी-बेरी
विटामिन B2 एनीमिया, ह्रदय रोग
विटामिन B3 लाल-सफ़ेद दाग/ चकते होना
विटामिन B5 पेलाग्रा (लवा दाद)
विटामिन B6 एनीमिया
विटामिन B7 लकवा, बालो का झड़ना
विटामिन B9 कमजोरी और खून की कमी
विटामिन B12 एनीमिया, त्वचा रोग, सयनोकोबल्मिन
विटामिन C स्कर्वी
विटामिन D रिकेट्स, ऑस्ट्रोमेशिया
विटामिन E इम्यून सिस्टम कम होना
विटामिन K रक्त का थक्का न बनना

विटामिन एक ऐसी चीज हैं जो शरीर की सारी अवश्यकताओ की पूर्ति करता हैं, शरीर में विटामिन की कमी होने से शरीर की आवश्यकताए बाधित होने लगता हैं और यही से शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ जन्म लेती हैं.

विटामिन के कुल 13 प्रकार हैं और सभी विटामिन के शरीर में अपने अलग अलग कार्य होते हैं और इन सभी की कमी होने से शरीर में अलग अलग बीमारी जन्म लेती हैं.

विटामिन A की कमी से होने वाले रोग – 

विटामिन A की कमी से होने वाले प्रमुख रोग – रतौंधी और जीरोप्थैलमिया हैं.

  • रतौंधी – रतौंधी आँख से संबंधित एक बीमारी हैं जो विटामिन A की कमी से होता हैं, रतौंधी से पीड़ित रोगी को दिन में तो चीजे अच्छी तरह से दिखाई देता हैं लेकिन रात में पास में रखी हुई चीज भी अच्छी तरह से नही दिखती.

इस तरह के रोगी के आँख की कार्निया सुख सा जाता हैं औ आई बॉल (नेत्र गोलक) धुंधला या मटमैला सा दिखाई देता हैं.

  • जीरोप्थैलमिया – यह रोग भी विटामिन A की कमी के कारण होता हैं, इस रोग का इलाज समय पर नही करने से यह रतौंधी रोग में बादल जाता हैं जो आँख की कार्निया को प्रभावित करती हैं जो आँख के अंधेपन का कारण भी बन सकता हैं.

विटामिन A की कमी को दूर कैसे करे – विटामिन A की कमी को दूर करने के लिए हमें ऐसे पौष्टिक चीजो और फलो का सेवन करना चाहिए जिसमे विटामिन A की मात्र बहुत हो.

  • विटामिन A का प्रमुख स्रोत – मछली, विटामिन A से भरपूर सब्जी जैसे कद्दू, गाजर, हरे पत्तेदार सब्जिया जैसे – पालक, लेट्युस, फलो में – आम, पपीता, खरबूजा आदि.

विटामिन B की कमी से होने वाले रोग – 

विटामिन B की बहुत सारी अलग-अलग कैटेगरी हैं जैसे विटामिन B1 B2, B3, B5, B6, B7, B9 और B12, विटामिन B के इन सभी कैटेगरी से होने वाले रोगी की लिस्ट अलग-अलग हैं.

विटामिन B या B1 की कमी से होने वाले रोग – विटामिन B1 का वैज्ञानिक नाम थायमिन हैं, विटामिन B1 की कमी से शरीर में बेरी-बेरी, मनोभ्रंश और अल्जाइमर रोग होता हैं.

  • बेरी-बेरी रोग – बेरी-बेरी का अर्थ चल नही सकना होता हैं, बेरी बेरी रोग होने पर भूख कम लगती हैं, शरीर में कमजोरी, हाथ और पैरो में दर्द, साँस फूलना और पैरो में सुजन शामिल हैं.

इस तरह के रोग अत्यधिक चावल के सेवन, गलत आहार और शराब की लत की वजह से भी हो सकती हैं.

बेरी-बेरी रोग दो प्रकार का होता हैं जिसमे गीली बेरी-बेरी और सुखी बेरी-बेरी रोग शामिल हैं.

  • अल्जाइमर – अल्जाइमर भूख का रोग हैं जिसमे इन्सान को भूख बहुत कम लगता हैं, इस बीमारी के होने से याददाश्त में कमी, नींद अधिक आना, निर्णय न ले पाना, बोलने में दिक्कत होती हैं.

विटामिन B1 की कमी को दूर कैसे करे – विटामिन B1 की कमी को पौष्टिक आहार के सेवन से दूर किया जा सकता हैं जिनमे मछली, दाल, फल, अंडा, दूध इत्यादि शामिल हैं.

विटामिन B2 की कमी से होने वाले रोग – 

विटामिन B2 का वैज्ञानिक नाम राइबोफ्लेविन हैं, विटामिन B2 की कमी होने से शरीर में तंत्रिका संबंधी बीमारियाँ, एनीमिया और ह्रदय रोग से जुडी समस्या आती हैं.

  • एनीमिया – शरीर में एनीमिया का रोग विटामिन B2 की कमी से होता हैं, इस रोग के होने से रक्त विकार जैसे लाल रक्त कोशिकाओ का कम होना या लाल रक्त कोशिकाओ में हीमोग्लोबिन की मात्रा का कम होता हैं.
  •  विटामिन B2 की कमी को दूर करने का उपाय – दूध, आयरन से भरपूर चीजो का सेवन, विटामिन C और फौलिक एसिड को अपने डायट में शामिल करना चाहिए, किशमिश, शकरकंद केला सेब चीकू का सेवन करना चाहिए.

विटामिन B3 की कमी से होने वाले रोग – 

  • विटामिन B3 की कमी होने से होने वाले रोग – त्वचा पर लाल सफ़ेद दाग होना, कमजोरी आना, आदि होता हैं, विटामिन B3 को नियासिन के नाम से भी जाना जाता हैं.
  • विटामिन B3 का प्रमुख स्रोत – विटामिन B3 का सबसे अच्छा स्त्रोतों में भुना हुआ मूंगफली, तिल, जौ, पका हुआ दलिया आदि हैं.

विटामिन B5 की कमी से होने वाले रोग – 

  • विटामिन B5 की कमी होने से होने वाले रोग – पेलाग्रा, बाल सफ़ेद होना, मंदबुद्धि होना, हाथ पैरो में सुजन होना इत्यादि समस्या होता हैं.

विटामिन B5 के स्रोत ककड़ी, टमाटर, सलाद, अंडा मूंगफली आदि हैं, इन सबसे सेवन करने से विटामिन B5 की कमी को पूरा किया जा सकता हैं.

विटामिन B6 की कमी से होने वाले रोग – aayodin

  • विटामिन B6 की कमी से होने वाले रोग – होने से शरीर में एनीमिया, मानसिक दौरे, चकत्ते, ओठ फटना, गाले में सुजन जैसे समस्याए आती हैं.
  • विटामिन B6 का प्रमुख स्रोत – विटामिन B6 की कमी को सूर्यमुखी के बीज, तिल, काबुली चना, राजमा, सोयाबीन और मूंगफली जैसे चीजो के सेवन करने से दूर किया जा सकता हैं.

विटामिन B7 की कमी से होने वाले रोग – 

  • विटामिन B7 को बायोटिन भी कहा जाता हैं, इस बीमारी के होने से शरीर में कई प्रकार के लक्षण दिखाई देने लगते हैं जैसे बालो का झड़ना, नाखूनों का कमजोर होना, लकवा जैसे दिखाई देने लगते हैं.
  • विटामिन B7 का मुख्य स्रोत – अंडा, सोयाबीन, चिकन, मछली, शकरकंद चॉकलेट, दही इत्यादि.

विटामिन B9 की कमी से होने वाले रोग – 

  • विटामिन B9 का रासायनिक नाम फॉलिक एसिड हैं, शरीर में फॉलिक एसिड या विटामिन B9 की कमी होने से शरीर में कमजोरी, खून की कमी, शारीरिक विकास में कमी, मुह में छालो की समस्या इत्यादि होने लगता हैं.
  • विटामिन B9 का मुख्य स्रोत – दाल, बिन्स, अंडा, बादाम, फलो में खट्टे फल जैसे संतरा, नीबू, इत्यादि विटामिन B9 और फोलिक एसिड का मुख्य स्रोत हैं.

विटामिन B12 की कमी से होने वाले रोग – 

  • विटामिन B12 की कमी होने से होने वाले रोग – एनीमिया, त्वचा रोग, सयनोकोबल्मिन, नर्व्स सिस्टम कमजोर.

विटामिन B12 शरीर के नर्व्स सिस्टम जो शरीर को प्रोटेक्शन लेयर होता हैं को मजबूत बनाता हैं, इसके कमी होने से शरीर के प्रोटेक्शन लेयर कमजोर होने लगता हैं जिसके कारण नर्व्स की लेयर कमजोर होने लगती हैं और हाथो और पैरो में झुनझुनी होने लगती हैं.

  • विटामिन B12 के प्रमुख स्रोत – आलू, चुकंदर, लाल सब्जी, मशरूम, डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध पनीर, दही, इत्यादी इसके प्रमुख स्रोत हैं. 

विटामिन C की कमी से होने वाले रोग – 

  • विटामिन C की कमी से होने वाले रोग – स्कर्वी रोग होता हैं जिसके कारण मसूडो से संबंधित बीमारी होने की सम्भावना रहता हैं, विटामिन C के कमी होने से शरीर का इम्युन सिस्टम भी कमजोर होने लगता हैं.

शरीर में किसी भी विटामिन की कमी होने से तुरंत इसका पता नही चलता यह धीरे धीरे शरीर को कमजोर करता हैं.

  • विटामिन C के प्रमुख स्रोत – पपीता, अनार, संतरा, स्ट्रॉबेरी, हरी मिर्च, ब्रोकली इत्यादि. 

विटामिन D की कमी से होने वाले रोग – 

  • विटामिन D की कमी होने से होने वाले रोग – रिकेट्स(हड्डियों व जोड़ो में दर्द), ऑस्ट्रोमेशिया जैसे रोग होते हैं.

रिकेट्स और ऑस्ट्रोमेशिया रोग होने से हड्डियों में कमजोरी, जोड़ो में दर्द, मांशपेशियो का फड़फड़ाना, दर्द और अकडन महसूस होता हैं.

  • विटामिन D के प्रमुख स्रोत – शरीर में विटामिन D का अधिकांश स्रोत सूर्य के किरणों से ही प्राप्त हो जाता हैं, व्यक्ति को रोजाना 20-30 मिनट धुप में बैठना चाहिए.

इसके अलावा मछली दूध, दही, अंडा इत्यादि में भी विटामिन D प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं.

विटामिन E की कमी से होने वाले रोग – 

  • विटामिन E के कमी होने से होने वाले रोग – शरीर का इम्युन सिस्टम कम होने लगता हैं जिससे शरीर में कई तरह की परेशानियाँ जैसे मांसपेशियाँ कमजोर होना, हाथ और पैरो में सुन्न होने से संबंधित बीमारियाँ होता हैं.
  • विटामिन E का प्रमुख स्रोत – बादाम, सरसों के बीज, मूंगफली, सोयाबीन का तेल, आम, हरी पत्तेदार सब्जियां इत्यादि.

विटामिन K की कमी से होने वाले रोग – 

  • शरीर में विटामिन K की कमी होने से होने वाले रोग – शरीर में रक्त का थक्का नही बनता जिसके कारण चोट लगने या ऑपरेशन होने पर रक्त का बहाव या स्राव अधिक हो सकता हैं.

इसके अलावा हड्डियों में कमजोरी होती हैं जिसके कारण हड्डी के टूटने के बाद दोबारा उसे जुड़ने के लिए बहुत समय लगता हैं.

  • विटामिन K का प्रमुख स्रोत –  फलो में केला और किवी विटामिन K का एक अच्छा स्रोत हैं, वही डेयरी प्रोडक्ट में भी विटामिन K की मात्रा पाया जाता हैं, सब्जियों में पालक, ब्रोकली में विटामिन K पाया जाता हैं.

आयरन की कमी से होने वाले रोग – 

  • शरीर में आयरन की कमी होने से होने वाले रोग – एनीमिया रोग होने का खतरा रहता हैं, आयरन की कमी होने से शरीर में रेड ब्लड सेल्स नहीं बन पाती जिसके कमी से आयरन की कमी से होने वाला रोग माना जाता हैं.

शरीर में आयरन की कमी होने से हीमोग्लोबिन में समस्या आता हैं आयरन हीमोग्लोबिन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता हैं जो फेफड़ो से उतकों तक आक्सीजन और उतकों से फेफड़ो तक कार्बन डाई आक्साइड को पहुचाने का कार्य करता हैं.

हीमोग्लोबिन के बिना उतकों और मांसपेशियों में ऊर्जा की कमी आती हैं, वही शरीर में अधिक आक्सीजन युक्त रक्त को स्थानांतरित करने के लिए दिल को अधिक मेहनत करनी होती हैं.

  • आयरन के प्रमुख स्रोत – आयरन कई फ़ूड आइटम जैसे मांस मछली, पालक, मटर, चुकंदर, जूस आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं. 

हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाले रोग – 

  • हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाले रोग – शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी रक्त में लोहे की मात्रा की कमी को कहते हैं, शरीर में आक्सीजन की आपूर्ति हीमोग्लोबिन ही करता हैं, हीमोग्लोबिन की मात्र कम होने की स्थिति में शरीर में एनीमिया रोग होने का खतरा रहता हैं.

हीमोग्लोबिन की मात्र कम होने पर शरीर में खून की मात्र कम होने लगता हैं, और एनीमिया होने का एक यही कारण हैं कुछ मामलो में यह जानलेवा भी हो सकता हैं.

ओमेगा-3 की कमी से होने वाले रोग – 

  • शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी होने होने वाले रोग – इसके कमी होने पर इन्सान के सोचने समझने की शक्ति कम होने लगता हैं, मूड डिसआर्डर, अवसाद और चिंता, हार्ड डिजीज, स्किन डिजीज, और बालो से जुडी समस्याए होने लगती हैं.
  • ओमेगा 3 के प्रमुख स्रोत – ओमेगा 3 फैटी एसिड मुख्य रूप से खाद्य पदार्थो जैसे मछली, मछली का तेल, अलसी का बीज, अखरोट में पाया जाता हैं.

आयोडीन की कमी से होने वाले रोग – 

  • आयोडीन के कमी से होने वाले रोग – शरीर में आयोडीन की कमी होने से थायरॉयड ग्रंथि का असामान्य इजाफा होता हैं, जिसे गण्डमाला कहते हैं.

आयोडीन की कमी से घेंघा, शारीरिक विकास में रूकावट, विकलांगता, मंद-बुद्धि, गर्भपात, मृत बच्चा पैदा होना जैसे रोग हो सकते हैं.

  • आयोडीन के स्रोत – आयोडीन युक्त नमक, समुद्री भोजन, आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ अंडा, दही, रोस्टेड आलू, दूध, ब्राउन राइस इत्यादि का सेवन करना चाहिए.

प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग का नाम – 

  • प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग – क्वाशियोरकोर रोग प्रोटीन की कमी से होता हैं, क्वाशियोरकोर  को एडिमा (द्रव प्रतिधारक) के साथ सम्बद्ध होने के कारण एडेमेटस कुपोषण के रूप में जाना जाता हैं यह एक पोषण संबंधी विकार हैं जो मुख्यतः आकाल पीड़ित क्षेत्रो में पाया जाता हैं.

प्रोटीन की कमी ज्यादातर उन लोगो में होती हैं जिनको पर्याप्त मात्रा में सही प्रोटीन नही मिल पाता, प्रोटीन की कमी से मांसपेशियाँ कम होने लगती हैं जिससे शरीर की ताकत कम होती हैं जिससे संतुलन बनाना कठिन हो जाता हैं.

  • प्रोटीन के प्रमुख स्रोत – शाकाहारी स्रोतों में चना, हरी मटर, मूंग, मसूर, उड़द, सोयाबीन, राजमा, गेहू, मक्का, पालक, मशरूम, शतावरी इत्यादि, फलो में अमरुद, ड्राई फ्रूट्स में बादाम, पिस्ता काजू इत्यादि चीजो का सेवन करना चाहिए.

कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाले रोग – 

  • शरीर में कार्बोहाइड्रेट में कमी होने से होने वाले रोग – शरीर की ऊर्जा आपूर्ति कम हो जाती हैं, जिसके कारण थकान, कमजोरी, चक्कर आना जैसे बीमारियाँ दिखाई देने लगती हैं, शरीर को एक्टिव रखने के लिए कार्बोहाइड्रेट  की पर्याप्त मात्रा होना जरुरी हैं.

कार्बोहाइड्रेट  होने की वजह से ही दिमाग सेरोटोनिन नाम की हार्मोन्स को नियंत्रित करता हैं.

  • कार्बोहाइड्रेट  के प्रमुख स्रोत – अनाजो में चांवल, गेहू, दल, मक्का, साबूदाना,  डेयरी प्रोडक्ट, सूखे मेवे, सब्जियों में आलू, हरी मटर, फलो में केला, अनानास इत्यादि.

सवाल-जवाब (FAQ) –

आँख सम्बन्धी रोग शरीर में किस विटामिन की कमी से होता हैं?

हमारी आँखों में विटामिन A की कमी होने की वजह से कई समस्याये दिखाई देती हैं, आँखों के लिए विटामिन A की पर्याप्त मात्र शरीर को मिलना जरुरी होता हैं विटामिन A को रेटिनाल भी कहा जाता हैं यह आँखों की कार्निया को सुरक्षित रखता हैं विटामिन A के प्रमुख स्रोतों में सब्जी जैसे कद्दू, गाजर, पालक, फलो में आम, पपीता, खरबूजा, खाद्य पदार्थो में मछली इत्यादि हैं.

बेरी-बेरी रोग किस विटामिन की कमी से होता हैं?

विटामिन B या B1 की कमी होने से बेरी-बेरी रोग होता हैं, बेरी-बेरी का अर्थ नही सकना होता हैं यह रोग होने से भूख कम लगता हैं जिसके कारण शरीर में कमजोरी, हाथ और पैरो में दर्द होने लगता हैं, बेरी-बेरी रोग होने का कारण अत्यधिक चांवल का सेवन, गलत आहार और शराब की लत होने की वजह हो सकता हैं, विटामिन B की प्रचुर मात्रा लेने से यह रोग को समाप्त किया जा सकता हैं, इसके लिए पौष्टिक आहार जैसे मछली, दाल, फल, अंडा इत्यादि लेना आवश्यक होगा.

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