सौर मंडल में कितने ग्रह हैं उनके नाम बताइए | Saur Mandal mein kitne grah hai unke naam btaiye

नमस्कार दोस्तों, सूर्य और उसके चारो ओर चक्कर लगाने वाले ग्रह, उपग्रह, उल्कापिंड, और क्षुद्रग्रहों के समूह को सौरमंडल कहा जाता हैं सौरमंडल में कई ग्रह और उनके उपग्रह होते हैं चलिए जानते हैं सौर मंडल में कितने ग्रह हैं उनके नाम बताइए (Saur Mandal mein kitne grah hai unke naam btaiye) –

सौर मंडल में कितने ग्रह हैं उनके नाम बताइए (Saur Mandal mein kitne grah hai unke naam btaiye) – 

सौर मंडल में कितने ग्रह हैं उनके नाम बताइए

ग्रहों के नाम सूर्य से ग्रह का स्थान
बुध (मर्करी) पहला
शुक्र (वेनस) दूसरा
पृथ्वी (अर्थ) तीसरा
मंगल (मार्स) चौथा
ब्रहस्पति (जूपिटर) पांचवां
शनि (सैटर्न) छठा
अरुण (यूरेनस) सातवाँ
वरुण (नेप्च्यून) आठवां

सौरमंडल में कुल 8 ग्रह हैं ये सभी ग्रह सूर्य से दुरी के अनुसार एक निश्चित क्रम में हैं ये ग्रह बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, ब्रहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून हैं.

ये सभी ग्रह व सूर्य, सौरमंडल में अपने गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से आपस में बंधे हैं, सौरमंडल, सूर्य और उसकी परिक्रमा करते ग्रह, क्षुद्रग्रह और धूमकेतुओ से बना है इसके केंद्र में सूर्य हैं और सबसे बाहरी सतह पर वरुण ग्रह हैं.

वरुण के परे प्लूटो जैसे बौने ग्रह के अतिरिक्त बौने ग्रह भी आते हैं.

सौरमंडल के ग्रह दो तरह के होते हैं जिसमे से एक स्थलीय ग्रह और दूसरा गैसीय ग्रह हैं, बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल स्थलीय ग्रह हैं वही बाकि के अन्य ग्रह गैसीय ग्रह हैं.

1. बुध (Mercury)- 

बुध ग्रह जिसे अंग्रेजी में मर्करी कहा जाता हैं सौरमंडल के आठो ग्रहों में से सबसे छोटा ग्रह हैं यह ग्रह सूर्य से सबसे निकट स्थित हैं, बुध ग्रह सौरमंडल के दो बड़े उपग्रहों गेनीमेड और टाइटन से भी छोटा हैं, लेकिन वजन में बुध इनसे भारी हैं.

बुध ग्रह 70% धातु और 30% सिलिकेट पदार्थो से मिलकर बना हैं, बुध सौरमंडल के चार स्थलीय ग्रह (बुध, शुक्र पृथ्वी, मंगल) में से एक हैं अर्थात यह पृथ्वी की तरह एक चट्टानी पिंड हैं, चट्टानों या धातुओ की कठोर सतह वाले ग्रह को स्थलीय ग्रह कहा जाता हैं.

बुध का परिक्रमण कल लगभग 88 दिन हैं, पृथ्वी से देखने पर यह अपनी कक्षा के इर्द-गिर्द 116 दिनों में घूमता नज़र आता हैं, अंतरिक्ष में बुध 29 मील (47 किलोमीटर) प्रति सेकेण्ड की गति से यात्रा करते नज़र आता हैं जो कि अन्य ग्रहों की तुलना में सबसे तेज हैं.

हालाँकि अपनी धूरी पर यह धीमी गति से घुमती हैं 59 पृथ्वी दिवस में यह अपनी अपनी धुरी पर एक चक्कर लगाती हैं.

बुध ग्रह की त्रिज्या 1516 मील या 2440 किलोमीटर हैं जो पृथ्वी की त्रिज्या के लगभग एक तिहाई हैं, बुध ग्रह का सूर्य से दूरी लगभग 576 लाख किलोमीटर हैं.

पृथ्वी से बुध ग्रह की दूरी कितनी है – 

बुध ग्रह पृथ्वी से औसतन लगभग 48 मिलियन मील (77 मिलियन किलोमीटर) की दूसरी पर हैं, दोनों ग्रहों के बीच की सटीक दुरी इस बात पर निर्भर करता हैं कि वह अपनी-अपनी कक्षाओ में कहा पर स्थित हैं.

पृथ्वी से सबसे नजदीक ग्रह बुध ही हैं.

बुध ग्रह का रंग कैसा है – 

बुध ग्रह का कोई रंग नही हैं इसलिए बुध काला रंग का दिखाई पड़ता हैं.

किसी भी ग्रह के आकाश का रंग उस ग्रह की रासायनिक सरंचना और उस ग्रह के कोण पर निर्भर करती हैं.

बुध सौरमंडल का सबसे छोटा और सूर्य से सबसे नजदीक का ग्रह हैं, बुध की सतह पर कम गुरुत्वाकर्षण और सूर्य से इसकी नजदीकी बुध के लिए एक अहम् वातावरण पर टिके रहना नामुनकिन बना देती हैं.

चन्द्रमा की तरह ही बुध का वातावरण नगण्य (वायुमंडल का न होना) हैं जिसके कारण इसके वातावरण में कोई रसायन नही हैं जो सूर्य के प्रकाश को पकड़ सके, इसीकारण बुध ग्रह का कोई रंग नही हैं और यह काला दिखाई पड़ता हैं.

बुध ग्रह का तापमान कितना है – 

बुध ग्रह में वायुमंडल के न होने के कारण इसका तापमान में उतर चदाव अधिक देखने को मिलता हैं, जो कि 100 K (−173 °C; −280 °F) रात्रि से लेकर भूमध्य रेखीय क्षेत्रों में दिन के समय 700 K (427 °C; 800 °F) तक है.

बुध ग्रह के कितने उपग्रह हैं – 

बुध का कोई उपग्रह नही हैं, सौरमंडल में केवल दो ऐसे ग्रह हैं जिनके कोई उपग्रह नही हैं जिनमे से एक बुध ग्रह हैं वही दूसरा शुक्र हैं.

2. शुक्र (Venus)- 

सूर्य से दूसरा नंबर का ग्रह शुक्र हैं, यह सौरमंडल के सभी चट्टानी पिंड में से सबसे सघन वातावरण वाला एक चट्टानी ग्रह हैं, यह पृथ्वी के आकाश में हमेशा सूर्य के करीब(सुबह का तारा या शाम का तारा के रूप में) दिखाई देता हैं.

  • एक दिन की लम्बाई – 225 पृथ्वी दिन
  • कक्षीय अवधि  – 243 पृथ्वी दिन
  • शुक्र का व्यास – 12104 किलोमीटर

शुक्र ग्रह को संध्या और भोर का तारा भी कहा जाता हैं क्योकि इसे पृथ्वी के आकाश में तारा के रूप में देखा जा सकता हैं, शुक्र ग्रह चंद्रमा और पृथ्वी के बाद आकाश में चमकने वाली तीसरी ग्रह हैं.  

शुक्र सौरमंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह हैं जिसकी घूर्णन की अवधि सूर्य के चारो ओर परिक्रमणकाल से अधिक हैं अर्थात शुक्र ग्रह सूर्य के एक चक्कर लगाने में जितना समय लेता हैं उससे अधिक समय वह अपने कक्ष में एक पूरा चक्कर लगाने में लेता हैं.

शुक्र ग्रह का एक दिन पृथ्वी के 243 दिनों के बराबर हैं अर्थात अपने अक्ष में शुक्र को पूरा चक्कर लगाने में 243 पृथ्वी दिवस का समय लगता हैं.

शुक्र का परिक्रमणकाल 224.7 पृथ्वी दिवस हैं अर्थात शुक्र ग्रह सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाने में 224.7 पृथ्वी दिवस के बराबर समय लेता हैं.

शुक्र, पृथ्वी की सबसे निकटतम ग्रह हैं शुक्र से पृथ्वी की औसत दुरी 41 मिलियन किलोमीटर हैं, वही शुक्र से सूर्य की दुरी 10 करोड़ 80 लाख किलोमीटर हैं.

शुक्र ग्रह के वायुमंडल में मौजूद प्रमुख गैस कार्बन डाई आक्साइड हैं, जो शुक्र पर सूर्य की गर्मी को बरकरार रखता हैं जिसके कारण ही शुक्र सभी ग्रहों में से सबसे गर्म ग्रह हैं.

शुक्र ग्रह का नामकरण प्रेम और सौन्दर्य की रोमन देवी वीनस के नाम पर किया गया हैं, ज्योतिष में शुक्र को शुभ ग्रह माना गया हैं.

पृथ्वी से शुक्र ग्रह की दूरी कितनी है – 

पृथ्वी से शुक्र ग्रह की दुरी 41 मिलियन किलोमीटर हैं, शुक्र पृथ्वी से सबसे नजदीक स्थित हैं, पृथ्वी के आकाश में चन्द्रमा के बाद सबसे ज्यादा चमकने वाली दूसरी ग्रह शुक्र हैं जो पृथ्वी के आकाश में सुबह या शाम को सबसे ज्यादा चमकते हुए तारे के रूप में दिखाई देता हैं.

शुक्र ग्रह किस दिशा में दिखाई देता है – 

शुक्र ग्रह पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता हैं, शुक्र सौरमंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह हैं जो पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता हैं.

शुक्र ग्रह के कितने उपग्रह हैं – 

शुक्र ग्रह का कोई उपग्रह नही हैं, सौरमंडल के आठ उपग्रहों में से शुक्र और बुध ग्रहों के कोई उपग्रह नही हैं.

3. पृथ्वी (Earth)- 

सूर्य से तीसरे नंबर का ग्रह पृथ्वी हैं, पृथ्वी को अंग्रेजी में अर्थ कहा जाता हैं,

पृथ्वी का ध्रुवीय व्यास 12714 किलोमीटर और विषुवत या भूमध्यरेखीय व्यास 12756 किलोमीटर हैं.

पृथ्वी का आकर पूरी तरह से गोल न होकर अंडाकार आकृति में हैं, यह सौरमंडल में सबसे घना और चार स्थलीय ग्रहों में सबसे बड़ा ग्रह हैं.

पृथ्वी का अपना एक प्राकृतिक उपग्रह हैं इसे चन्द्रमा के नाम से जाना जाता हैं, पृथ्वी का वायुमंडल कई परतो से बना हुआ हैं इस वायुमंडल में सबसे अधिक मात्र नाइट्रोजन और आक्सीजन का हैं, पृथ्वी के वातावरण में 78% नाइट्रोजन, 21% आक्सीजन और 1% अन्य गैस हैं.

पृथ्वी के वायुमंडल में ओजोन गैस की एक परत हैं जो सूर्य की हानिकारक पैराबैगनी किरणों को पृथ्वी की सतह में आने से रोकती हैं पृथ्वी का वातावरण इतना घना हैं कि यह सूर्य की तेज किरणों को पृथ्वी तक सीधे पहुचने से रोकता हैं जिसके कारण पृथ्वी का तापमान को नियंत्रित करता हैं.

पृथ्वी का वायुमंडल इतना घना हैं कि अगर कोई उल्का पिंड पृथ्वी के वायुमंडल में आ जाये तो वह उसे वही जलाकर नष्ट कर देती हैं.

पृथ्वी को अनोखा ग्रह क्यों कहा जाता है

पृथ्वी को अनोखा ग्रह कहा जाता हैं क्योकि यह हमारे सौरमंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह हैं जिसपर जीवन का विकास हुआ हैं, पृथ्वी एक जिन्दा ग्रह हैं जहाँ जीवन के लिए अनुकूल तापमान, जलवायु, वायुमंडल उपलब्ध हैं.

इन सबके कारण पृथ्वी को अनोख ग्रह कहा जाता हैं.

पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहा जाता है – 

पृथ्वी की सतह में ज्यादा पानी होने के कारण इसे नीला ग्रह कहा जाता हैं, लेकिन इसका वैज्ञानिक कारण इससे अलग हैं.

सूर्य की किरणों में सात रंग पाये जाते हैं जो कि हरा, पीला, बैंगनी, नीला, नारंगी, लाल और आसमानी रंग हैं,  इनमे से नीला और बैगनी रंगों का तरंगदैर्ग्य अन्य रंगों की तुलना में छोटा होता हैं जो पृथ्वी के वातावरण में अपने रंगों का फैलाव अच्छी तरह से कर पता हैं.

इनमे से नीला रंग पृथ्वी की सतह पर पानी का विशाल विस्तार और वायुमंडल में नील प्रकाश के प्रकीर्णन का संयोजन से पृथ्वी नीला दिखाई देता हैं.

पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा कितने दिनों में करता है – 

पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करने में 365 दिन और लगभग 6 घंटे का समय लेती हैं, अर्थात पृथ्वी का एक वर्ष लगभग 365 दिनों का होता हैं, वही पृथ्वी अपने अक्ष में एक पूरा चक्कर लगाने में 24 घंटे का समय लेती हैं.

पृथ्वी के सबसे निकटतम ग्रह कौन सा है – 

पृथ्वी का सबसे निकटतम ग्रह शुक्र हैं, पृथ्वी से शुक्र ग्रह की दुरी 41 मिलियन किलोमीटर हैं.

4. मंगल (Mars) – 

मंगल ग्रह सूर्य से चौथे क्रम का और सौरमंडल में दूसरा सबसे छोटा ग्रह हैं, मंगल ग्रह को अंग्रेजी में मार्स कहा जाता हैं वही इसे लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता हैं, पृथ्वी की तरह मंगल भी एक स्थलीय ग्रह हैं.

सौरमंडल के सभी ग्रहों में से पृथ्वी के अलावा मंगल ग्रह को जीवन विस्तार को महत्वपूर्ण विकल्प माना गया हैं, सौरमंडल का सबसे ऊँचा पर्वत ओलम्पस मोन्स मंगल ग्रह पर ही स्थित हैं.

अपनी भागोलिक विशेषताओ के अलावा मंगल का घूर्णन काल और मौसमी चक्र पृथ्वी के समान हैं, मंगल ग्रह बुध से बड़ा और अधिक भारी हैं वही पृथ्वी से छोटा और कम भारी हैं.

मंगल ग्रह पृथ्वी के व्यास के लगभग आधा हैं यह पृथ्वी से कम घना हैं मंगल के पास पृथ्वी का 15% आयतन और 11% द्रव्यमान हैं.

मंगल ग्रह की त्रिज्या 3389.5 किलोमीटर या 2105 मील हैं, मंगल ग्रह पर वायुमंडल हैं लेकिन वह पृथ्वी के वायुमंडल से लगभग 100 गुना पतला हैं जो मुख्य रूप से कार्बन डाईआक्साइड से बना हैं.

मंगल ग्रह का लाल रंग का दिखाई देता हैं इसका मुख्य कारण इसकी सतह पर लौह आक्साइड (फेरिक आक्साइड) का होना हैं जिसे सामान्यतः हेमेटाईट या जंग के रूप में जाना जाता हैं.

मंगल ग्रह की सूर्य से दुरी लगभग 23 करोड़ किलोमीटर हैं वही इसका कक्षीय अवधि 687 पृथ्वी दिवस हैं, मंगल ग्रह को अपने अक्ष पर एक पूरा चक्कर लगाने में 24 घंटे और 39 मिनट का वक्त लगता हैं.

मंगल ग्रह के दो उपग्रह फोबोस और डिमोस हैं इसमें से डिमोस उपग्रह सौरमंडल का सबसे छोटा उपग्रह हैं इसके अलावा मंगल पर निक्स ओलम्पिया नाम का एक पर्वत हैं जो कि पृथ्वी की सबसे ऊँची छोटी माउन्ट एवरेस्ट से तीन गुना बड़ा हैं.

मंगल ग्रह पर ऑक्सीजन है? – 

मंगल ग्रह पर आक्सीजन नही हैं, लेकिन आक्सीजन बनाने हेतु जरुरी तत्व जरुर हैं अर्थात मंगल ग्रह में आक्सीजन बनाया जा सकता हैं.

पृथ्वी से मंगल ग्रह कैसा दिखता है? – 

पृथ्वी से मंगल ग्रह लाल दिखता हैं, मंगल ग्रह का वायुमंडल और स्थल दोनों लाल हैं जिसके कारण यह लाल दिखाई पड़ता हैं, हालाँकि मंगल ग्रह का पृथ्वी से देखना संयोग मात्र से होता हैं यह कई वर्षो में पृथ्वी से दिखाई देता हैं.

मंगल ग्रह के चंद्रमा की संख्या कितनी है? – 

मंगल ग्रह के दो चन्द्रमा हैं जिसका नाम फोबोस और डिमोस हैं.

मंगल ग्रह पर सबसे पहले कौन सा देश गया था – 

मंगल ग्रह पर जाने वाला पहला देश सोवियास संघ रूस हैं, सोवियत संघ रूस ने पहला सफल मंगल ग्रह मिशन 1962 में किया था, इसके बाद अमेरिका, भारत जैसे बड़े देशो ने भी सफल चंद्रयान मिशन पूरा किया हैं, इस बीच कई और देशो ने चंद्रमा में जाने का प्रयास किया था जो कि किन्ही कारणों से विफल रहा.

5. बृहस्पति (Jupiter) – 

वृहस्पति सूर्य से पांचवा और सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह हैं, ब्रहस्पति मुख्य रूप से एक गैसीय पिंड हैं जिसका द्रव्यमान सूर्य के हजारवे भाग के बराबर तथा सौरमंडल के अन्य सात उपग्रह के कुल द्रव्यमान से ढाई गुना अधिक हैं.

सौरमंडल में कुल चार गैसीय ग्रह हैं जो कि ब्रहस्पति, शनि, अरुण और वरुण हैं, ज्योतिषी में ब्रहस्पति ग्रह को प्रार्थना या भक्ति का स्वामी माना गया हैं.

शुक्र और चंद्रमा ग्रह के बाद ब्रहस्पति रात्रि में आकाश में तीसरा सबसे चमकीला प्रकाशीय पिंड हैं.

ब्रहस्पति ग्रह मुख्य रूप से हाइड्रोजन से बना हैं इसके अलावा इस ग्रह में हीलियम भी हैं, गैसीय ग्रह होने की वजह से ब्रहस्पति में कोई ठोस सतह नही हैं, ब्रहस्पति का आंतरिक भाग सूर्य से प्राप्त ऊष्मा से अधिक गर्मी उत्पन्न करता हैं.

ब्रहस्पति में 9 घंटे और 55 मिनट का दिन हैं अर्थात यह अपने अक्ष पर एक पूरा चक्कर लगाने में 9 घंटे और 55 मिनट का समय लेता हैं, जो सौरमंडल के अन्य ग्रहों की तुलना में सबसे छोटा दिन हैं. 

ब्रहस्पति ग्रह सूर्य का एक पूरा चक्कर 4333 दिनों में लगाता हैं अर्थात ब्रहस्पति 12 पृथ्वी वर्षो में सूर्य का एक पूरा परिक्रमा करता हैं.

बृहस्पति ग्रह के कितने उपग्रह है – 

ब्रहस्पति ग्रह के कुल 95 उपग्रह हैं और वह सबसे ज्यादा उपग्रहों के मामले में दूसरे नंबर पर हैं, सौरमंडल में सबसे ज्यादा उपग्रह शनि के हैं शनि ग्रह के कुल 145 उपग्रह हैं.

बृहस्पति ग्रह का व्यास कितना है – 

ब्रहस्पति ग्रह का व्यास 1 लाख 39 हजार 820 किलोमीटर हैं. 

बृहस्पति ग्रह का रंग कैसा होता है – 

ब्रहस्पति ग्रह का रंग पीला हैं, ब्रहस्पति ग्रह सभी अन्य ग्रहों में सबसे शुभ ग्रह हैं माना जाता हैं इसलिए ब्रहस्पति को सभी देवताओ का गुरु भी कहा जाता हैं.

6. शनि (Saturn) – 

शनि सूर्य से छठा क्रम का ग्रह हैं और ब्रहस्पति के बाद सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह हैं, पृथ्वी के औसत व्यास से शनि ग्रह का औसत व्यास लगभग 9 गुना बड़ा हैं, जबकि इसका औसत घनत्व पृथ्वी के औसत घनत्व का आठवां भाग हैं.

शनि ग्रह पूरी तरह से गैसीय नही हैं, शनि ग्रह का आतंरिक ढांचा लोहा, निकिल और चट्टानों (सिलीकोन और आक्सीजन यौगिक) के एक कोर से बना हैं जो हाइड्रोजन धातु की एक मोटी परत से घिरा हैं, जबकि इसका बाह्य भाग मुख्य रूप से गैस से बना हैं.

शनि ग्रह को सौरमंडल का सबसे सुन्दर ग्रह माना जाता हैं, शनि ग्रह का औसत व्यास लगभग 1 लाख 16 हजार 460 किलोमीटर हैं.

शनि को अपने अक्ष में एक पूरा चक्कर लगाने में लगभग 10.7 घंटे का समय लगता हैं वही शनि को सूर्य का एक पूरा परिक्रमा पूर्ण करने में लगभग 29.4 पृथ्वी वर्ष का समय लगता हैं.

शनि ग्रह के कितने उपग्रह हैं – 

शनि के कुल 145 उपग्रह हैं जो सौरमंडल के अन्य ग्रहों में सबसे ज्यादा हैं.

शनि ग्रह का रंग कैसा है – 

शनि ग्रह का रंग काला माना गया हैं.

पृथ्वी से शनि ग्रह की दूरी कितनी है – 

पृथ्वी से सूर्य की अधिकतम दुरी 1.64 अरब किलोमीटर हैं जबकि पृथ्वी के करीब आने पर यह दुरी 1.31 अरब किलोमीटर रह जाती हैं.

शनि ग्रह के वलय की संख्या कितनी है – 

सौरमंडल में शनि ग्रह की सबसे व्यापक वलय प्रणाली हैं, शनि ग्रह कुल 7 वलय प्रणाली से घिरा हैं इन वलयो के बीच कई अन्तराल और विभाजन हैं, ये वलय धुल, बर्फ और चट्टानों से मिलकर बना हैं.

शनि के कण और चट्टानो के प्रकाश बहुत अच्छे से प्रतिबिम्ब होते हैं जिसके कारण पृथ्वी पर यह छल्ला बहुत ही आकर्षक दिखाई देते हैं. 

7. यूरेनस (Uranus) – 

सूर्य से सातवाँ ग्रह यूरेनस हैं जिसे हिंदी में अरुण ग्रह कहा जाता हैं, यूरेनस सौरमंडल का व्यास के आधार पर तीसरा सबसे बड़ा और द्रव्यमान के आधार पर चौथा सबसे बड़ा ग्रह हैं.

यूरेनस, पृथ्वी से द्रव्यमान की तुलना में 15.5 गुना और आकार की तुलना में 63 गुना अधिक बड़ा हैं, यूरेनस एक गैसीय ग्रह हैं पृथ्वी से घनत्व की तुलना की जाये तो यूरेनस का घनत्व बहुत ही कम हैं.

यूरेनस को गैसीय दानव कहा जाता हैं क्योकि यह ग्रह चट्टानों और मिटटी से मिलकर नही बने हैं बल्कि इसका अधिकतर हिस्सा गैस हैं, सौरमंडल में कुल चार गैसीय दानव ग्रह हैं जो कि यूरेनस, ब्रहस्पति, शनि और नेप्च्यून (वरुण) हैं.

यूरेनस प्रत्येक 84 पृथ्वी वर्षो में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा लगाता हैं जबकि यूरेनस को अपने अक्ष में एक पूरा चक्कर लगाने में 17 घंटे और 14 मिनट का पृथ्वी समय लगता हैं, सूर्य से यूरेनस की औसत दुरी लगभग 3 अरब किलोमीटर हैं.

यूरेनस मुख्य रूप से तीन परतो से बना हैं जिसमे से आंतरिक भाग चट्टानी कोर (सिलिकेट, लोहा-निकिल) मध्य भाग बर्फीला मेंटल और बाहरी भाग गैसीय (हाइड्रोजन व हीलियम) हैं. 

8. नेप्च्यून (Neptune) – 

नेप्च्यून ग्रह जिसे हिंदी में वरुण ग्रह के नाम से जाना जाता हैं सूर्य से आठवां क्रम का ग्रह हैं, नेप्च्यून सौरमंडल का चौथा गैसीय ग्रह हैं अर्थात यह ग्रह लगभग पूरी तरह से गैसों से बना हैं, इसलिए चार गैसीय दानव ग्रहों में नेप्च्यून का भी  नाम आता हैं.

व्यास के आधार पर सौरमंडल का चौथा और द्रव्यमान के आधार पर तीसरा सबसे बड़ा ग्रह हैं इस ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी से लगभग 17 गुना अधिक हैं वही यूरेनस से थोडा अधिक बड़ा हैं.

नेप्चून का अपने पडोसी ग्रह यूरेनस के साथ बहुत सी समानताये मिलती हैं दोनों ग्रहों में वातावरण में अन्य दो गैसीय ग्रह ब्रहस्पति और शनि की तुलना में बर्फ अधिक हैं.

नेप्च्यून को सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाने 164.79 पृथ्वी वर्ष का समय लगता हैं, वही नेप्च्यून को अपने अक्ष में एक पूरा चक्कर लगाने में 18 घंटा और 26 मिनट का समय लगाता हैं. 

नेप्च्यून और सूर्य के बीच की दुरी लगभग 4.5 अरब किलोमीटर हैं, नेप्च्यून के अबतक ज्ञात उपग्रहों में कुल 13 उपग्रह हैं इनमे से ट्राइटन सबसे अधिक बड़ा हैं.

सवाल-जवाब (FAQ) –

सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह कौन सा हैं?

सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह ब्रहस्पति हैं, ब्रहस्पति का व्यास लगभग 1 लाख 39 हजार 820 किलोमीटर हैं जो अन्य ग्रहों की तुलना में सबसे बड़ा ग्रह हैं, ब्रहस्पति को अंग्रेजी में जूपिटर कहते हैं सूर्य से यह पाँचवे क्रम का ग्रह हैं, ब्रहस्पति एक गैसीय पिंड हैं जिसके वातावरण में केवल गैस ही अधिक मात्रा में हैं इसलिए इसे गैसीय दानव ग्रह भी कहा जाता हैं.

सौरमंडल में कितने और कौन कौन से स्थलीय ग्रह हैं?

हमारे सौरमंडल में कुल 8 ग्रह हैं जिसमे से चार ग्रह गैसीय और चार स्थलीय ग्रह हैं, स्थलीय ग्रहों में बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल हैं इनमे से सबसे छोटा ग्रह बुध हैं वही चार गैसीय ग्रह की बात करे तो यह ब्रहस्पति, शनि, वरुण और वरुण हैं इनमे से सबसे बड़ा ग्रह ब्रहस्पति हैं.

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