100 महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार | Mahapurushon ke suvichar

नमस्कार दोस्तों, भारत को महापुरुषो का देश कहा जाता हैं, भारत के साथ-साथ विश्व भर में कई महापुरुष हुए हैं जिनके विचार श्रेष्ठ थे आज इस आर्टिकल में ऐसे ही श्रेष्ठ महापुरुषों की बात करेंगे और जानेंगे 100 महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार (Mahapurushon ke suvichar) –

महापुरुषों के सर्वश्रेष्ठ सुविचार (Mahapurushon ke suvichar)

Mahapurushon ke suvichar

1. टी कृष्णमाचार्य – आपकी गलतिया हमेशा माफ़ की जा सकती हैं, अगर आपके पास उसे स्वीकार करने की हिम्मत हो.

2. आचार्य चाणक्य – जिस व्यक्ति के अन्दर धैर्य नही हैं, उस व्यक्ति का ना तो वर्तमान हैं और ना ही कोई भविष्य हैं.

3. डॉ. अब्दुल कलाम – एक अच्छी किताब सौ अच्छे दोस्तों के बराबर होती हैं, लेकिन एक अच्छा दोस्त पूरे पुस्तकालय के बराबर होता हैं.

4. साईं बाबा – अगर आप धनवान हैं तो विनम्र रहे, क्योकि फल लगने पर फल भी झुक जाते हैं.

5. मदर टेरेसा – हमें लोगो के साथ चेहरे पर मुस्कान के साथ मिलना चाहिए, क्योकि मुस्कान से प्यार की शुरुवात होती हैं.

6. स्वामी विवेकानंद – उठो जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको.

7. गौतम बुद्ध – हजार योद्धाओ पर विजय प्राप्त करना आसान हैं, लेकिन जो खुद पर विजय पाता हैं वही सच्चा विजयी हैं.

8. रविंद्रनाथ ठाकुर – विस्वास वह पक्षी हैं जो प्रभात के पूर्व अंधकार में ही प्रकाश का अनुभव करता हैं और गाने लगता हैं.

9. भगवन बुद्ध – इच्छाये ही सब दुखों का मूल कारण हैं.

10. चन्द्रशेखर आजाद – मै एक ऐसा धर्म में यकीन करता हू जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे का प्रचार करता हो.

11. डॉ. बी आर अम्बेडकर – हमारा जीवन लम्बा नही होना चाहिए बल्कि महान होना चाहिए.

अम्बेडकर के विचार

12. मुंशी प्रेमचंद – क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात कहने की बजाय दुसरो की हृदय को ज्यादा दुखाता हैं.

13. कौटिल्य अर्थशास्त्र – सत्य से कीर्ति प्राप्त की जाती हैं और सहयोग से मित्र बनाये जाते हैं.

14. भगत सिंह – क्रांति की तलवार तो सिर्फ विचारो की शान ने तेज होती हैं.

15. विक्रम सेठ – बहुत सी बाते सोचो, अपनी ख़ुशी को कभी भी किसी एक व्यक्ति के वश ने न करे, सिर्फ अपने लिए रहो.

16. स्वामी शंकराचार्य – सबसे उत्तम तीर्थ अपना मन हैं जो विशेष रूप से शुद्ध किया हो.

17. दीनानाथ दिनेश – कर्म, ज्ञान और भक्ति का संगम जीवन का तीर्थ राज हैं.

18. संत तिरुवल्लुवर – अपनी पीड़ा सह जाना और दुसरो की पीड़ा न पहुचने यही तपस्या का स्वरुप हैं.

19. आचार्य चाणक्य – मेहनत करने से दरिद्रता नही रहती, धर्म करने से पाप नही रहता, मौन रहने से कलह नही होता.

आचार्य चाणक्य के सुविचार

20. विनोबा भावे – ऐसे देश को छोड़ देना चाहिए जहाँ धन तो हैं लेकिन सम्मान नही हैं.

21. सरदार वल्लभभाई पटेल – शक्ति के आभाव में विश्वास व्यर्थ हैं, विश्वास और शक्ति दोनों किसी महान कार्य को करने के लिए आवश्यक हैं.

22. बाल गंगाधर तिलक – आपका लक्ष्य किसी जादू से पूरा नही होगा, बल्कि आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना पड़ेगा.

23. महर्षि वाल्मीकि – जीवन में केवल सुख ही मिले या दुर्लभ हैं.

24. विदुर – कुमंत्रणा से राजा का, कुसंगति से साधू का, अत्यधिक दुलार से पुत्र का और अविधा से ब्राम्हण का नाश होता हैं.

25. श्री अरविन्द – सारा जगत स्वतंत्रता  के लालायित रहता हैं फिर भी प्रत्येक जिव अपने बन्धनों से प्यार करता हैं.

26. स्वामी राम सुखदास – सब बच्चो को पलना उन्हें अच्छे व्ययहार की शिक्षा देना भी सेवा कार्य हैं क्योकि यह उनका जीवन सुखी बनाता हैं.

कल का सुविचार(kal ka suvichar) – 

27. श्री परमहंस योगानंद – खुद के लिए जीने वालो की ओर कोई ध्यान नही देता लेकिन जब आप दुसरो के लिए जीना सीख लेने हैं तब वे आपके लिए जीते हैं.

28. रविन्द्र नाथ टैगोर – फूल की पंखुडियां तोड़कर तुम फूल की सुन्दरता नही बिखेरते.

29. हरिवंशराय बच्चन – याद रखना, अँधेरी रात में आपको दिया जलाने से कोई नही रोक सकता.

30. तुलसीदास – भक्ति वह हैं जो ज्ञान उत्पन्न करती हैं ज्ञान वह हैं जो स्वंतंत्रता को गढ़ता हैं.

31. जवाहर लाल नेहरु – तथ्य, तथ्य ही होगा और ये आपकी पसंद के कारण गायब नही होंगे.

32. देवदत पटनायक – संसार के प्रवाह को स्वीकार करने से इंकार करना ही सभी दुखों का जड़ हैं.

33. भगवन बुद्ध – अच्छे शब्दों के प्रयोग करने से बुरे लोगो का भी दिल जीता जा सकता हैं.

भगवन बुद्ध के सुविचार

34. आचार्य चाणक्य – यदि मार्ग काटों से भरा हो और आप नंगे पाव हो तो मार्ग बदल लेना चाहिए.

35. महात्मा गाँधी – मुठी भर संकल्पवान लोग जीमे अपने लक्ष्य के प्रति दृढ आस्था हैं, इतिहास की धारा को बदल सकते हैं.

36. मुंशी प्रेमचंद – मन एक भीरु शत्रु हैं जो सदैव पीठ के पीछे से वार करता हैं.

37. स्वामी विवेकानंद – कामनाए समुद्र की भांति अतृप्त हैं, पूर्ति का प्रयास करने पर उनका कोलाहल और बढता हैं.

38. मदर टेरेसा – प्यार की भूख को दूर करना रोटी की भूख से कही अधिक कठिन हैं.

39. महर्षि व्यास – जैसे सूर्या आकाश में छुपकर नही विचार सकता उसी प्रकार महापुरुष भी गुप्त नही रह सकते.

40. डॉ. अब्दुल कलाम – मनुष्य को अपनी कठिनाइयों की आवश्यकता होती हैं क्योकि अपनी सफलता का आनंद लेने के लिए यह आवश्यक हैं.

41. बकुल बैध – मनुष्य का जीवन धुल की तरह होता हैं लेकिन हम इसे रो-धोकर कीचड़ बना देते हैं.

महापुरुषों के प्रेरणादायक अनमोल वचन (महापुरुषों का अमृत वचन) – 

42. भगवन महावी – जिस प्रकार बिना जल के धन नही उगता उसी प्रकार बिना विनय के प्राप्त की गई विधा फलदायी नही होता.

43. भवभूति – ख्याति नदी की भांति अपने उद्गम स्थल पर क्षीण रहती हैं लेकिन दूर जाने पर वह विस्तृत हो जाती हैं.

44. बी.के.एस. अयंगर – योग हमें उन चीजो को ठीक करना सिखाता हैं, जिन्हें ठीक नहीं किया जा सकता.

45. जे.आर.डी. टाटा – जब आप काम करो तो ऐसे काम करे कि सब कुछ आप पर निर्भर करता हैं और जब आप प्रार्थना करते हैं तो ऐसे प्रार्थना करे कि सब कुछ भगवान पर निर्भर करता हैं.

46. कालिदास – वृक्ष के समान बनो जो कड़ी गर्मी सहने के बाद भी सबको छाया देती हैं.

47. चंद्रशेखर आजाद – दुसरो को आगे बढते हुए मत देखो प्रतिदिन अपने खुद के कीर्तिमान तोड़ो, क्योकि सफलता आपके अपने मन से लड़ाई हैं.

48. दलाई लामा – सफलता का मतलब यह नही हैं कि आपको किसी दुसरे से बेहतर बनना हैं बल्कि सफलता का मतलब हैं जो आप अभी हैं उससे बेहतर बनना.

49. देवदत पटनायक – संसार के प्रवाह को स्वीकार करने से इंकार करना ही सभी दुखों का जड़ हैं.

आज का प्रेरणादायक सुविचार इन हिंदी – 

50. वी. एस. नायपॉली – तथ्यों को साकार किया जा सकता हैं, लेकिन कल्पना कभी झूठ नही बोलती.

51. रविंद्रनाथ टैगोर – एक बच्चे को अपनी शिक्षा तक सिमित न रखो क्योकि वह किसी अन्य समय में पैदा हुआ था.

52. सुभाष चन्द्र बोस – याद रखिये सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना हैं.

53. डॉ. कलाम – जीवन में पहली सफलता के बाद रुके नहीं, क्योकि आप यदि दुसरे प्रयास में असफल हो गए तो लोग कहेंगे कि आपको पहली सफलता भाग्य से मिली थी.

54.  लेस ब्राउन –  हम में से बहुत लोग अपने सपनो को नही जी रहे हैं क्योकि हम अपने डर को जी रहे हैं.

55. जॉन डीवी – शिक्षा जीवन के लिए तैयारी नही हैं, शिक्षा जीवन ही हैं.

56. नेल्सन मंडेला – जीवन का सबसे बड़ा गौरव कभी गिरना नही हैं बल्कि हार बार गिरकर उठने में हैं.

57. अल्बर्ट आइन्स्टीन – कठनाइयो के बीच ही अवसर छिपे होते हैं.

58. गुरु शंकराचार्य – एक सच यह भी हैं कि लोग आपको उसी वक्त तक याद रखते हैं, जब तक सांसे चलती हैं, सांसो के रुकते ही सबसे करीबी रिश्तेदार, यहाँ तक पत्नी भी दूर चली जाती हैं.

विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक सुविचार – 

59. गुलज़ार – अच्छी किताबे और अच्छे एलपीजी तुरंत समझ नही आते हैं, उन्हें पड़ना पढता हैं.

60. भगत सिंह – बुराई इसलिए नही बढ़ रही हैं कि बुरे लोग बढ़ गए हैं बल्कि बुराई इसलिए बढ़ रही हैं क्योकि बुराई सहन करने वाले लोग बढ़ हैं.

61. ब्रम्हाकुमारी शिवानी – दुसरो की नज़र में अच्छा बनने से अच्छा हैं खुद की नजरो में अच्छा बनो.

62. बाबा साहब अम्बेडकर – जो झुक सकता हैं वह सारी दुनिया को झुका भी सकता हैं.

63. हेनरी फोर्ड – विफलता बस फिर से शुरू करने का अवसर हैं, इस बार और अधिक समझदारी से.

64. गौतम बुद्ध – क्रोध को प्यार से बुराई को अच्छाई से, स्वार्थी को उदारता से और झूठे व्यक्ति को सच्चाई से जीता जा सकता हैं.

65. अरस्तु – श्रेष्ठ होना कोई कार्य नही बल्कि यह हमारी एक आदत हैं जिसे हम बार-बार करते हैं.

66. कबीर – सब कुछ अपनी गति से होता हैं माली सौ बाल्टी पानी डे सकता हैं लेकिन फल मौसम में ही आता हैं.

67. महादेवी वर्मा – कला, सौंदर्य के माध्यम से दिया गया सत्य हैं.

68. चेतन भगत – गंभीर मत बनो, ईमानदार बनो.

69. भगत सिंह – क्रांति मानव जाती का एक अविभाज्य अधिकार हैं, स्वतंत्रता सभी का अविनाशी जन्मसिद्ध अधिकार हैं.

70. भगवन महावीर – किसी का अस्तित्व को मत मिटाओ शांति पूर्वक जियो और दुसरो को भी जीने दो.

भगवान महावीर के सुविचार

71. बेनी लुईस – अगर आपकी सफलता की सम्भावना 100 प्रतिशत हैं तो यह तय हैं कि अपने बड़ा लक्ष्य नही रखा हैं.

72. जिग जिगलर – यदि आपकी सिखने का संकल्प पक्का हैं, तो कोई भी आपको रोक नही सकता हैं.

73. रिचर्ड ब्रेसनन – आप नियमो का पालन करके चलना नही सीख सकते, आप करके और गिरकर ही चलना सीख सकते हैं.

74. हेनरी डोहर्टी – जब तक कुछ सीखने को बाकी हैं, तब तक एक छात्र बने रहे, मतलब यह हैं कि अपने पूरे जीवन में सीखते रहे.

75. बेंजामिन फ्रेंकलिन – मृत्यु और करों को छोड़कर कुछ भी निष्चित नही हैं.

76. विलियम शेक्सपियर – गुलाब को चाहे जो नाम दे दो, वह उतना ही महकता रहेगा.

77. जॉन केनेडी – ये न पूछे कि आपका देश आपके लिए क्या कर सकता हैं, बल्कि पूछे की आप अपने देश के लिए क्या कर सकते हैं.

78. रुडयार्ड किपलिंग – जो अकेला चलता हैं, वही सबसे तेज चलता हैं.

79. अल्बर्ट आइन्स्टीन – जीवन साईकिल की सवारी करने जैसा हैं, अपना संतुलन बनाये रखने आपको चलते ही रहना होगा.

80. एलेनोर रूज़वेल्ट – कोई भी आपको आपकी मर्ज़ी के बिना नीचा नही दिखा सकता हैं.

81. मार्टिन लूथर – सच्ची शिक्षा के दो तथ्य हैं एक बुद्धिमता दूसरा चरित्र.

82. डॉ. कलाम – ब्लैक कलर भावनात्मक रूप से बुरा होता हैं, लेकिन हर ब्लैकबोर्ड विधार्थियों की ‘जिंदगी’ ब्राइट बनाता हैं.

83. सुभाष चन्द्र बोस – एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता हैं, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद एक हजार जन्मो में अवतरित होगा.

84. जवाहर लाल नेहरु – अज्ञान हमेशा परिवर्तन से डरता हैं.

85. महात्मा गाँधी – पहले वो आपकी उपेक्षा करते हैं, फिर वे आप पर हसते हैं फिर वे आपसे लड़ते हैं फिर आप जीत जाते हैं.

86. परमहंस योगानंद – जितना अधिक आप उनमे अच्छाई देखेंगे, उतना ही आप अपने आप में अच्छा स्थापित करेंगे.

87. अटल बिहारी बाजपेयी – इन्सान बनो केवल नाम से नही, रूप से नही, शक्ल से नही बल्कि हृदय से, बुद्धि से, ज्ञान से बनो.

88. अल्बर्ट आइन्स्टीन – जिस व्यक्ति  व्यक्ति ने कभी गलती नही की, उसने कभी नया करने की कोशिश नही की हैं.

89. तुलसीदास – लक्ष्य निष्चित हो, पाव गतिशील हो तो मंजिल कभी दूर नही होता.

90. नेल्सन मंडेला – जब तक किसी काम को किया नही जाता तब तक वह असम्भव लगता हैं.

91. आचार्य चाणक्य – एक उत्कृष्ट बात शेर से सीखी जा सकती हैं कि व्यक्ति जो भी करना चाहता हैं उसे पूरे दिल और जोरदार प्रयास के साथ करे.

92. बाल गंगाधर तिलक – आपका लक्ष्य किसी जादू से पूरा नही होगा, बल्कि आपको ही अपना लक्ष्य हासिल करना होगा.

93. महर्षि वाल्मीकि – जीवन में हमेशा सुख मिले यह दुर्लभ हैं.

94. ओशो – मुर्ख व्यक्ति दुसरो पर हसते हैं वही समझदार व्यक्ति खुद पर हसते हैं.

95. डेल कानेंगी – असफलता से सफलता का सृजन कीजिये, निराशा और असफलता, सफलता के दो आधार स्तम्भ हैं.

96. अटल बिहारी बाजपेयी – इन्सान बनो केवल नाम से नहीं, रूप से नही, शक्ल से नही, बुद्धि से नही बल्कि ज्ञान से.

97. सी न्यूमैन – सज्जन पुरुष की वास्तविक परिभाषा यही हैं कि वह कभी किसी पुरुष को पीड़ित नही करता.

98. स्वामी विवेकानंद – दर्द और ख़ुशी दोनो अच्छे शिक्षक हैं, क्योकि दोनों ही हमें अपने स्थितियों में कुछ न कुछ सिखाते हैं.

99. भगवान बुद्ध – आप अभी वो है जो आप कर चूके हैं, आप बाद में वो होंगे जो आप अभी करेंगे.

100. फ्रेंकलिन – धीरज सरे आनंदों और शक्तियों का मूल हैं.

सवाल-जवाब (FAQ) –

सुभाष चन्द्र बोस के सुविचार क्या हैं?

भारत के क्रांति पुरुष सुभाष चन्द्र बोस कहते हैं कि एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता हैं, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद एक हजार जन्मो में अवतरित होगा.

भगत सिंह के सुविचार क्या हैं?

भारत के क्रांति पुरुष भगत सिंह कहते थे कि क्रांति मानव जाति का एक अविभाज्य अधिकार हैं, स्वतंत्रता सभी का अविनाशी जन्मसिद्ध अधिकार हैं.

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