भारत की प्रमुख फसलें एवं उत्पादक राज्य | Bharat ki pramukh fasal aur utpadak rajya

नमस्कार दोस्तों, भारत एक कृषि प्रधान देश हैं, यहाँ के किसानो के द्वारा विविध प्रकार की खेती की जाती हैं प्रत्येक राज्य में वहां की मिटटी और जलवायु के अनुसार अलग-अलग प्रकार की खेती की जाती हैं चलिए जानते हैं भारत की प्रमुख फसलें एवं उत्पादक राज्य (Bharat ki pramukh fasal aur utpadak rajya) –

भारत की प्रमुख फसलें एवं उत्पादक राज्य (Bharat ki pramukh fasal aur utpadak rajya) – 

Bharat ki pramukh fasal aur utpadak rajya

राज्य प्रमुख फसले
उत्तरप्रदेश गेहू, गन्ना, दूध, आलू
मध्यप्रदेश दलहन-तिलहन फसले, सोयाबीन, चना
राजस्थान मोटे अनाज, सरसों, बाजरा
गुजरात कपास, मूंगफली
महाराष्ट्र आम, अरहर, अंगूर, प्याज, ज्वार
कर्नाटक कॉफी, सूरजमुखी
आँध्रप्रदेश तम्बाकू, हल्दी, मक्का
असम चाय
पश्चिम बंगाल चाँवल, जूट
केरल गरम मसाले, प्राकृतिक रबड़, नारियल, काजू, अदरक, काली मिर्च
जम्मू कश्मीर केशर
सिक्किम इलायची
तमिलनाडु केला

भारत में मुख्य रूप से चाँवल, गेहू, दाल, बाजरा, दलहन-तिलहन, गन्ना, चाय, कपास, सूरजमुखी और कॉफ़ी जैसे कई फसलो का उत्पादन प्रमुखता के साथ किया जाता हैं.

भारत में मुख्य रूप से तीन प्रकार की फसल बोई जाती हैं इनमे से सबसे पहले खरीफ फसल जो की बरसात के मौसम में बोई जाती हैं इसके बाद रबी फसल जिसे ठण्ड के मौसम में बोई जाती हैं और अंत जायत फसले बोई जाती हैं जो कि गर्मी के समय बोई जाती हैं.

भारत में बोई जाने वाली खरीफ फसले – चांवल, ज्वार, बाजरा, मक्का, कपास, मूंगफली, जूट, गन्ना, हल्दी, उड़द आदि.

भारत में बोई जाने वाली रबी फसले – गेंहू, चना, सरसों, मटर, जौ. तिल, सूरजमुखी इत्यादि.

उत्तरप्रदेश –

उत्तरप्रदेश का प्रमुख फसल

भारत के कुल उत्पादित खाद्यान्न फसलो में से सबसे बड़ा उत्पादक राज्य उत्तरप्रदेश हैं, गंगा नदी बेसिन तट पर बसा भारत के इस राज्य की मिटटी अत्यधिक उपजाऊ हैं जिसके कारण ही यहाँ अत्यधिक फसले उत्पादित की जाती हैं.

  • राज्य – उत्तरप्रदेश
  • प्रमुख फसल – गेहू, गन्ना, दूध, आलू

उत्तरप्रदेश में मुख्य रूप से गेंहू, गन्ना, दूध और आलू की फसले प्रमुखता के साथ उत्पादित की जाती हैं इसीकारण भारत का यह उत्तरी राज्य भारत में इन चारो फसलो का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.  

  • नोट- सभी फसलो में गन्ना सर्वाधिक सिंचिंत फसल हैं अर्थात गन्ना के उत्पादन में अन्य फसलो की तुलना में सबसे अधिक पानी की आवश्यकता पड़ती हैं चूँकि उत्तरप्रदेश राज्य गंगा नदी के किनारे बसा हैं इसलिए यहाँ गन्ने की फसल के लिए पर्याप्त पानी मिल जाता हैं.

मध्यप्रदेश –

मध्यप्रदेश की प्रमुख फसल दलहन और तिलहन

भारत के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश राज्य अपने दलहन-तिलहन फसलो के साथ साथ सोयाबीन और चना के उत्पादन में सबसे अग्रणी राज्य हैं.

  • राज्य – मध्यप्रदेश
  • प्रमुख फसल – दलहन-तिलहन, सोयाबीन, चना

मध्यप्रदेश के छोटा नागपुर पठार के आसपास के क्षेत्र में काली मिटटी पाई जाती हैं और काली मिट्टी में सोयाबीन और चना की फसले अधिक उत्पादित होती हैं इसलिए मध्यप्रदेश राज्य में सबसे अधिक सोयाबीन और चना की फसलो की पैदावार होती हैं.

  • दलहन फसल – वे फसले जिनसे दाल प्राप्त होता हैं उन्हें दलहनी फसले कहा जाता हैं जैसे-  मूंग, अरहर, मसूर, उड़द, मटर और चना ये सभी दलहनी फसले हैं. 
  • तिलहनी फसले – वे फसले जिनसे तेल निकाला जाता हैं उन्हें तिलहनी फसलेकहा जाता हैं जैसे- सोयाबीन, सरसों, मूंगफली और सूरजमुखी.

राजस्थान –

भारत के पश्चिमी राज्य राजस्थान में सबसे अधिक मोटे अनाज, सरसों और बाजरा की पैदावार अधिक होती हैं इसलिए यह राजस्थान भारत में इन तीनो फसलो का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.

  • राज्य – राजस्थान
  • प्रमुख फसल – मोटे अनाज, सरसों, बाजरा

राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र में थार मरुस्थल हैं जहाँ मूल रूप से मरुस्थलीय मिटटी पाई जाती हैं इसप्रकार की मिटटी कम उपजाऊ होते हैं.

मोटे अनाजो की एक विशेषता यह होती कि यह कम उपजाऊ और कम पानी होने के बाद भी उत्पादित हो जाते हैं इसलिए राजस्थान में इस प्रकार की खेती अत्यधिक मात्रा में की जाती हैं.

  • मोटे अनाज जैसे- ज्वार, बाजरा, जौ और रागी ये सभी फसले मोटे अनाज के अंतगर्त आती हैं जो पानी की कमी और कम उपजाऊ मिटटी पर भी अत्यधिक मात्रा में फसले उत्पादित करती हैं इसलिए राजस्थान राज्य पूरे भारत में सबसे ज्यादा मोटे अनाज का उत्पादन करता हैं.

राजस्थान राज्य इन सभी मोटे अनाजो में से सबसे ज्यादा उत्पादन बाजरा का करता हैं इसलिए यह राज्य पूरे भारत में अपने बाजरा और सरसों की फसलो के लिए जाना जाता हैं.

गुजरात –

गुजरात राज्य का प्रमुख फसल

भारत का गुजरात राज्य कपास और मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.

  • राज्य – गुजरात
  • प्रमुख फसल – कपास, मूंगफली

कपास और मूंगफली के लिए भी काली मिटटी को सबसे उपयुक्त मिटटी माना जाता हैं और गुजरात राज्य की भूमि में मुख्य रूप से काली मिटटी पाई जाती हैं जिसके कारण इस राज्य में कपास और मूंगफली का फसल सबसे अधिक किया और उत्पादित किया जाता हैं.

कपास को वाइट गोल्ड के नाम से भी जाना जाता हैं कपास के उत्पादन में भारत पूरी दुनिया में तीसरे स्थान पर आता हैं.

महाराष्ट्र –

भारत का महाराष्ट्र राज्य आम, अंगूर, प्याज, अरहर और ज्वार का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.

  • राज्य – महाराष्ट्र
  • प्रमुख फसल – आम, अंगूर, प्याज, अरहर, ज्वार

महाराष्ट्र के नासिक शहर को फसल की दृष्टि से अंगूर की खेती के लिए विशेष रूप से जाना जाता हैं इसके अलावा प्याज के लिए भी नासिक शहर नाम लिया जाता हैं.

  • विशेष – कृषि को उधोग या इंडस्ट्री का दर्ज़ा देने वाला प्रथम राज्य महाराष्ट्र हैं.

कर्नाटक –

कर्नाटक में कॉफी और सूरजमुखी की फसलो का सबसे ज्यादा उत्पादन होता हैं इसलिए दक्षिण भारत का यह राज्य इन दोनों फसलो के लिए भारत का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.

  • राज्य – कर्नाटक
  • प्रमुख फसल – कॉफी, सूरजमुखी
  • विशेष – देश के कुल कॉफी उत्पादन का लगभग 70% उत्पादन कर्नाटक राज्य करता हैं.

केरल –

केरल का प्रमुख फसल

दक्षिण भारत का केरल राज्य कृषि के क्षेत्र में कई फसलो के लिए भारत का अग्रणी राज्य हैं, केरल भारत में गरम मसालों, प्राकृतिक रबड़, नारियल, काजू, काली मिर्च, और अदरक का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.

  • राज्य – केरल
  • प्रमुख फसल – गरम मसालों, प्राकृतिक रबड़, नारियल, काजू, काली मिर्च, अदरक
  • विशेष – रबड़ को वृक्ष के पत्ते के दूध जिसे लेटेक्स कहा जाता हैं से प्राप्त करते हैं.

केरल राज्य समुद्र तट पर बसा हैं और नारियल का उत्पादन मुख्य रूप से समुद्र के तट पर ही होता हैं.

आँध्रप्रदेश –

  • राज्य – आँध्रप्रदेश
  • प्रमुख फसल – तम्बाकू, हल्दी, मक्का 

भारत का यह राज्य कृषि के क्षेत्र में अपने तम्बाकू, हल्दी और मक्का फसलो के लिए जाना जाता हैं, आँध्रप्रदेश राज्य भारत में इन तीनो फसलो का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.

असम –

भारत का उत्तरी राज्य असम अपने चाय की खेती के लिए पूरे भारत में जाना जाता हैं यह राज्य भारत में चाय का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.

  • राज्य – असम
  • प्रमुख फसल – चाय
  • विशेष – भारत में पहली बार व्यापारिक स्तर पर चाय की फसल असम राज्य में ही की गई थी, चाय का मूल स्थान चाइना हैं.

असम के दार्जलिंग में चाय के सबसे अच्छी किस्म की खेती की जाती हैं.

सिक्किम – 

भारत के एक और पहाड़ी राज्य सिक्किम में भी खेती किया जाता हैं सिक्किम की मुख्य फसल की बात करे तो यहाँ इलायची की फसल प्रमुख हैं, पूरे भारत में सिक्किम राज्य में ही सबसे ज्यादा इलायची का उत्पादन किया जाता हैं.

  • राज्य – सिक्किम
  • प्रमुख फसल – इलायची

इलायची के अलावा सिक्किम में चाँवल अदरक, संतरा, सेब और चाय की फसल उगाई जाती हैं, सिक्किम में चाँवल की खेती सीढ़ीदार खेतो में किया जाता हैं.

पश्चिम बंगाल –

भारत का पश्चिम बंगाल राज्य पूरे भारत में चाँवल और जूट(पटसन) का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं.

  • राज्य – पश्चिम बंगाल
  • प्रमुख फसल – चाँवल, जूट

पश्चिम बंगाल राज्य गंगा नदी के किनारे बसा हैं इसलिए इस राज्य में पानी की कमी नही हैं चूँकि चाँवल और जूट की फसल एक सिंचित फसल हैं जिसे पानी की अधिक आवश्यकता होती हैं इसलिए इन दोनों फसलो के सबसे अधिक उत्पादन पश्चिम बंगाल में ही होता हैं.

  • विशेष – भारत का प्रमुख खाधान्न फसल और सबसे अधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल चाँवल हैं, भारत में मुख्य रूप से चाँवल का सेवन किया जाता हैं खासतौर पर मध्यभारत और दक्षिण भारत में.

जम्मू-कश्मीर –

  • राज्य – जम्मू-कश्मीर
  • प्रमुख फसल – केशर

भारत का उत्तरी राज्य जम्मू-कश्मीर भारत में केशर का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं, इसके अलावा यहाँ सेब की फसल भी प्रमुखता के साथ किया जाता हैं.

तमिलनाडू –

भारत के सबसे दक्षिणतम राज्य तमिलनाडु केले के खेती के लिए जाना जाता हैं, तमिलनाडु राज्य में भारत में सबसे ज्यादा केले का उत्पादन किया जाता है.

  • राज्य – तमिलनाडु
  • प्रमुख फसल – केला

इसके अलावा तमिलनाडू राज्य नारियल की उत्पादन के मामले में देश में दूसरे स्थान पर और कॉफी के उत्पादन में तीसरे स्थान पर हैं. 

नोट- इन सभी राज्यों के अलावा भारत के शेष राज्यों में भी इन फसलो का उत्पादन किया जाता हैं लेकिन वे सबसे अधिक उत्पादन की दृष्टि से क्रमशः पहले स्थान पर नही आते.

छत्तीसगढ़ – 

छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्य रूप से खरीफ फसले जैसे धान, उड़द, अरहर, ज्वार, मक्का की फसले और रबी फसलो में चना, मूंग, अलसी, सरसों और तिल की खेती की जाती हैं.

इन फसलो में राज्य का मुख्य फसल धान हैं.

राज्य में कुल फसलो का लगभग 80% उत्पादन खरीफ फसलो से आता हैं.

धान के उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य पूरे भारत में फ़िलहाल सातवे स्थान पर हैं.

बिहार –

बिहार भारत में लीची का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य हैं, लीची के उत्पादन में बिहार भारत के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे आगे हैं.

अन्य फसलो में बिहार आलू, प्याज, बैंगन, गन्ना और जूट की भी खेती करता हैं.

तेलंगाना – 

तेलंगाना राज्य में वर्तमान समय में धान की खेती पर पर जोर दिया जा रहा हैं इसके अलावा दक्षिण भारत के इस राज्य में कपास, मक्का, और मिर्च की भी खेती की जाती हैं.

उड़ीसा –

भारत के समुद्रतट पर बसा उड़ीसा राज्य के मुख्य फसलो में चाँवल, जूट, तिलहन, चना आदि फसले उगाई जाती हैं. 

पंजाब –

भारत के पंजाब राज्य की मुख्य फसल गेंहू हैं इसके अलावा इस राज्य में धान, कपास, गन्ना और बाजरे की भी खेती की जाती हैं.

हरियाणा – 

हरियाणा राज्य की मुख्य फसल गेंहू, ज्वार, बाजरा, मक्का, कपास, जूट, तिल और मूंगफली हैं.

हिमांचल प्रदेश – 

भारत के उत्तर में स्थित पहाड़ी राज्य हिमांचल प्रदेश में वैसे तो कृषि युक्त भूमि की बहुत कमी हैं फिर भी यहाँ कुछ प्रमुख फसलो जैसे चाँवल, गेहू, मक्का, जौ का उत्पादन किया जाता हैं इनमे से चाँवल खेती पूरे हिमांचल प्रदेश में किया जाता हैं.

उत्तराखंड –

हिमालय पर्वत पर बसा भारत का पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मुख्य रूप से चाँवल की खेती की जाती हैं उसमे भी खासतौर पर चाँवल की बासमती प्रजाति की फसल का उत्पादन प्रमुख रूप से इस राज्य में किया जाता हैं.

अरुणाचल प्रदेश –

भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश की मुख्य फसल चाँवल हैं, चाँवल की खेती के साथ साथ यहाँ मक्का, बाजरा, गेंहू और अदरक की फसल भी उगाई जाती हैं.

नागालैंड – 

भारत के उत्तर में स्थित एक और पहाड़ी राज्य नागालैंड की मुख्य फसल चाँवल हैं, राज्य के कुल कृषि भूमि के 70% भाग में चाँवल की खेती की जाती हैं, राज्य का आधे से ज्यादा आबादी कृषि पर ही निर्भर हैं.

त्रिपुरा – 

त्रिपुरा राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्रोत कृषि ही हैं, त्रिपुरा राज्य में अधिकतर लोग चाँवल की ही खेती करते हैं.

मणिपुर – 

उत्तर में स्थित पहाड़ी राज्य मणिपुर के कुल भूमि का लगभग केवल 11% भूमि ही कृषि योग्य हैं, मणिपुर में मुख्य रूप से बांस की खेती की जाती हैं, मणिपुर राज्य का नाम बांस के प्रमुख उत्पादक राज्यों में शामिल हैं.

मणिपुर में त्रि-फसली ली जाती हैं, अर्थात राज्य में खरीफ, रबी और जायत की त्रि-फसल लिया जाता हैं.

मिजोरम – 

मिजोरम में मुख्य रूप से बागवानी फसलो का उत्पादन अधिक किया जाता हैं, राज्य के बागवानी फसलो में मैडिरियन संतरा, केला, हटकोड़ा, अंगूर, सादे फल, अन्नानास और पपीता प्रमुख हैं.

मेघालय –

भारत के मेघालय राज्य की मुख्य फसल चाँवल हैं, राज्य में कुल खेती का 80% चाँवल की ही खेती किया जाता हैं इसके अतिरिक्त यहाँ मक्का, गेंहू और दाल इसके अतिरिक्त बागवानी फसलो का भी उत्पादन किया जाता हैं. 

झारखण्ड – 

भारत के पूर्वी राज्य झारखण्ड की मुख्य फसल चाँवल हैं इसके अलावा झारखण्ड में गेंहू और मक्का का भी फसल लिया जाता हैं.

गोवा –

भारत के सबसे छोटे राज्य गोवा में भी खेती की जाती हैं, राज्य की मुख्य फसल की बात करे तों वह चाँवल हैं इसके अतिरिक्त गोवा में दाल, रागी, नारियल, काजू और सुपारी जैसे फसले भी ली जाती हैं.

सवाल-जवाब (FAQ) –

भारत में फसलो का विभाजन किस प्रकार हैं?

भारत में फसलो को तीन प्रकार से विभाजित किया गया हैं जिसमे खरीफ फसले, रबी फसले और जायत की फसले शामिल हैं इनमे से खरीफ फसल को सामान्यतः जून या जुलाई में बोया जाता हैं और अक्टूबर महीने में काटा जाता हैं वही इसके बाद अक्टूबर या नवम्बर महीने में रबी फसल बोया जाता हैं जिसे मार्च के महीने में कटा जाता हैं फिर अंत में जायत की फसल मार्च में लगाया जाता हैं जिसे मई या जून के महीने में काटा जाता हैं.

भारत में कितने प्रकार की खेती की जाती हैं?

भारतीय कृषि को कई प्रकारों से देखा जाता हैं जिनमे निर्वाह खेती, स्थानांतरित खेती, गहन खेती, व्यापक खेती, वृक्षारोपण खेती, व्यासायिक खेती, और मिश्रित खेती शामिल हैं मिश्रित खेती बह खेती होता हैं जिसमे मुख्य रूप फसल उत्पादन और पशुपालन एक-दूसरे पर पूर्ण रूप से निर्भर करता हैं.

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