भारत के राष्ट्रपतियों की सूची और उनका कार्यकाल 1950-2023 | Bharat ke Rashtrapati ki suchi | Rashtrapati ka karyakal

नमस्कार दोस्तों, भारतीय संविधान में सबसे बड़ा पद राष्ट्रपति का होता हैं साथ ही राष्ट्रपति पद भारत का प्रथम नागरिक भी कहलाता हैं, चलिए जानते हैं भारत के राष्ट्रपतियों की सूची और उनका कार्यकाल 1950-2023(Bharat ke Rashtrapati ki suchi) –

भारत के राष्ट्रपतियों की सूची और उनका कार्यकाल 1950 – 2023 (Bharat ke Rashtrapati ki suchi | Rashtrapati ka karyakal) – 

राष्ट्रपति नाम कार्यकाल
1. डॉ. राजेंद्र प्रसाद 1952-1962
2. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन  1962-67
3. डॉ. जाकिर हुसैन 1967-69
4. वीवी गिरी 1969-74
5. फखरुद्दीन अली अहमद 1974-77
6. नीलम संजीव रेड्डी 1977-82
7. ज्ञानी जैल सिंह 1982-87
8. एस वेंकटरमण 1987-92
9. शंकर दयाल शर्मा 1992-97
10. के आर नारायण 1997-2002
11. डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम 2002-07
12. श्रीमती प्रतिभा पाटिल 2007-12
13. प्रणब मुखर्जी 2012-17
14. रामनाथ कोविंद 2017-22
15. श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 2022 से अबतक

भारत का राष्ट्रपति भारतीय गणराज्य के कार्यपालक अध्यक्ष होता हैं, संघ के सभी कार्य राष्ट्रपति के नाम पर होता हैं वह तीनो सेनाओ का सर्वप्रमुख भी होता हैं.

राष्ट्रपति का निवास नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में होता हैं जिसका नाम रायसीना हिल हैं.

भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से अलग होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र बना लेकिन आजादी के समय राष्ट्रपति का पद सृजित नही हुवा था, 26 नवम्बर 1949 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान का मसौदा तैयार किया गया था.

इसके बाद 26 जनवरी 1950 को औपचारिक रूप से भारतीय संविधान को अपनाया गया इसी दिन से भारत एक गणतंत्र राज्य बना, संविधान को 26 जनवरी की तारीख को अपनाने का एक प्रमुख कारण था.

दरहसल इसी तारीख को साल 1930 में भारत को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा ब्रिटेन से पूर्ण स्वतंत्रता की आवाज दी थी.

26 जनवरी 1950 को भारत एक गणतंत्र राज्य बना और इसी दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद की भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में संवैधानिक नियुक्ति की गई.

1. भारत के पहले राष्ट्रपति –

भारत के पहले राष्ट्रपति

भारत के पहले राष्टपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद बने, 26 जनवरी 1950 में भारतीय संविधान को स्वीकार किया गया था और इसी दिन भारत के पहले राष्टपति के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधानिक नियुक्ति प्रदान की गई. 

पहले राष्ट्रपति कार्यकाल
डॉ. राजेंद्र प्रसाद 1952-62

डॉ. राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति के रूप में शपथ 13 मई 1952 को दिलाया गया, डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्होंने राष्ट्रपति के रूप में अपना दो कार्यकाल पूरा किया.

डॉ. राजेंद्र प्रसाद का भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल 26 जनवरी 1950 से लेकर 13 मई 1962 तक रहा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अपने दूसरे कार्यकाल पूर्ण करने के बाद अपने राजनीतिक सफ़र से विराम ले लिया था. 

डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के सबसे लम्बे समय तक राष्ट्रपति रहे हैं, डॉ. साहब को देशरत्न और अजातशत्रु के नाम से भी जाना जाता हैं साथ ही वे भारतीय संविधान के लागु होने के समय संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे.

2. भारत के दूसरे राष्ट्रपति – 

दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन 1962-67

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे, 13 मई 1962 को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया.

भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के कार्यकाल के समय डॉ. राधाकृष्णन भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में आसित थे, 1962 में राष्ट्रपति बनने के साथ ही वे पहले उपराष्ट्रपति हुए जो बाद में राष्ट्रपति बने. 

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले गैर राजनीतिक राष्ट्रपति हैं, साल 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति थे.

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के दिन ही भारत में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाता हैं.

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल 13 मई 1962 से 13 मई 1967 तक रहा.

3. भारत के तीसरे राष्ट्रपति – 

तीसरे राष्ट्रपति कार्यकाल
डॉ. जाकिर हुसैन 1967-69

डॉ. जाकिर हुसैन भारत के तीसरे राष्ट्रपति हैं, 13 मई 1967 को डॉ. जाकिर हुसैन ने भारत के राष्ट्रपति पद ग्रहण का ग्रहण किया इसके साथ ही डॉ. जाकिर हुसैन भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति हुए.

डॉ. हुसैन भारत के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जिनका निधन राष्ट्रपति रहते हुआ हैं, 3 मई 1969 को डॉ. हुसैन की मृत्यु हुई थी.

भारत के राष्ट्रपति के रूप में सबसे कम कार्यकाल डॉ. हुसैन का हैं, डॉ. हुसैन भारत के एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल भी रहे.

4. भारत के चौथे राष्ट्रपति – 

भारत के पहले कार्यवाहक राष्ट्रपति

चौथे राष्ट्रपति कार्यकाल
वीवी गिरी 1969-74

वीवी गिरी भारत के चौथे राष्ट्रपति हैं, 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय वीवी गिरी भारत के राष्ट्रपति थे, इनका कार्यकाल 24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974 तक रहा.

वीवी गिरी का पूरा नाम वराह गिरी वेंकर गिरी हैं.

भारत के प्रथम कार्यवाहक राष्ट्रपति – भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. हुसैन की अचानक मृत्यु के बाद चूँकि वीवी गिरी भारत के उपराष्ट्रपति थे इसलिए वीवी गिरी को भारत का प्रथम कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया.

वीवी गिरी ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में 13 मई 1969 से 20 जुलाई 1969 तक कार्यभार संभाला इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया जिसके कारण कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद भी रिक्त हो गया.

भारत के दूसरे कार्यवाहक राष्ट्रपति –  राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों पद के रिक्त होने की स्थिति में भारत के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस मुहम्मद हिदायतुल्लाह को (20 जुलाई से 24 अगस्त) भारत का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया.

5. भारत के पांचवें राष्ट्रपति – 

पांचवे राष्ट्रपति कार्यकाल
फखरुद्दीन अली अहमद 1974-77

फखरुद्दीन अली अहमद भारत के पांचवे राष्ट्रपति थे, राष्ट्रपति के रूप में इनका कार्यकाल 24 अगस्त 1974 से 11 फ़रवरी 1977 तक रहा.

1975 में देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा पूरे भारत में लगाये गए आपातकाल के समय फखरुद्दीन अली अहमद भारत के राष्ट्रपति थे.

फखरुद्दीन अली अहमद देश के दूसरे मुस्लिम राष्ट्रपति होने के साथ ही देश के ऐसे दूसरे राष्ट्रपति भी हुए जिनकी मृत्यु राष्ट्रपति रहते हुई हैं. 

भारत के तीसरे कार्यवाहक राष्ट्रपति – देश के पांचवे राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अचानक मृत्यु होने के कारण उपराष्ट्रपति बासप्पा दनप्पा जत्ती ने भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति (11 फरवरी 1977 से 24 जुलाई 1977) के रूप में काम किया.

6. भारत के छठे राष्ट्रपति – 

छठे राष्ट्रपति कार्यकाल
नीलम संजीव रेडडी 1977-82

नीलम संजीव रेडडी भारत के छठे राष्ट्रपति थे जिनका कार्यकाल 24 जुलाई 1977 से 24 जुलाई 1982 तक रहा, नीलम संजीव रेडडी भारत के पहले राष्ट्रपति हैं जिनका राष्ट्रपति के लिए चयन निर्विरोध हुआ.

नीलम संजीव रेडडी राष्ट्रपति बनने से पहले लोकसभा के अध्यक्ष थे उन्होंने राष्ट्रपति बनने के लिए  13 जुलाई 1977 को लोकसभा अध्यक्ष पद का त्याग कर दिया था.

इससे पहले नीलम संजीव रेडडी साल 1956 में आँध्रप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री भी चुने गए थे.

7. भारत के सातवें राष्ट्रपति – 

सातवे राष्ट्रपति कार्यकाल
ज्ञानी जैल सिंह 1982-87

साल 1982 में ज्ञानी जैल सिंह देश के सातवे राष्ट्रपति बने, वे भारत के पहले सिख समुदाय के राष्ट्रपति चुने गए थे साथ ही ज्ञानी जैल सिंह देश के सबसे कम पढ़े लिखे राष्ट्रपति भी हैं, राष्ट्रपति के रूप में इनका कार्यकाल 24 जुलाई 1982 से 24 जुलाई 1987 तक रहा.

ज्ञानी जैल सिंह कांग्रेस पार्टी से 1972 से 1977 तक पंजाब के मुख्यमंत्री थे.

ज्ञानी जैल सिंह भारत के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्होंने जेबी पॉकेट वीटो को इस्तेमाल किया हैं उन्होंने डाक संसोधन विधेयक के दौरान वीटो का इस्तेमाल किया था. 

8. भारत के आठवें राष्ट्रपति – 

आठवे राष्ट्रपति कार्यकाल
एस वेंकटरमण 1987-92

एस वेंकटरमण भारत के आठवे राष्ट्रपति हैं इनका पूरा नाम रामास्वामी वेंकटरमण था, राष्ट्रपति के रूप में इनका कार्यकाल 24 जुलाई 1987 से 24 जुलाई 1992 तक रहा.

एस वेंकटरमण राष्ट्रपति बनने से पूर्व भारत के वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री भी रह चूके थे, राष्ट्रपति बनने के समय एस वेंकटरमण देश के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति थे.

9. भारत के नौवें राष्ट्रपति – 

नव्वे राष्ट्रपति कार्यकाल
शंकर दयाल शर्मा 1992-97

देश के नव्वे राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा थे, इनका कार्यकाल 24 जुलाई 1992 से 24 जुलाई 1997 तक रहा, इन्ही के कार्यकाल में भारत में पंचायती राज को संवेधानिक दर्जा दिया गया था.

राष्ट्रपति बनने से पूर्व शंकर दयाल शर्मा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, संचार मंत्री और कई राज्य के राज्यपाल भी रह चूके थे.

10. भारत के दसवें राष्ट्रपति – 

दशवा राष्ट्रपति कार्यकाल
के आर नारायण 1997-2002

के आर नारायण भारत के दशवे राष्ट्रपति होने के साथ साथ भारत के पहले दलित राष्ट्रपति भी थे, राष्ट्रपति के रूप में के आर नारायण का कार्यकाल 24 जुलाई 1997 से 24 जुलाई 2002 तक रहा.

के आर नारायण भारत में पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के समय भारत के राष्ट्रपति थे.

राष्ट्रपति बनने से पूर्व के आर नारायण ने विभिन्न देशो में भारत के राजदूत के रूप भी कार्य किया हैं साथ ही विज्ञान और कानून में डाक्टरेट की उपाधि भी उन्होंने प्राप्त की थी.

11. भारत के 11वें राष्ट्रपति – 

भारत के एकमात्र वैज्ञानिक राष्ट्रपति

11वे राष्ट्रपति कार्यकाल
डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम 2002-2007

देश के ग्यारहवे राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम थे, डॉ. कलाम का राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल 24 जुलाई 2002 से 24 जुलाई 2007 तक रहा वे देश के दूसरे ऐसे राष्ट्रपति हुए जिनका सम्बन्ध किसी भी राजनीतिक पार्टी से नही था.

डॉ. कलाम मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक थे जिनका भारत के लिए मिसाइल और परमाणु हथियार बनाने में मुख्य योगदान था, इसी कारण उन्हें मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता था.

डॉ. कलाम को जनता का राष्ट्रपति कहा जाता था, उन्होंने कुछ पुस्तके भी लिखी थी जैसे – अग्नि की उड़न और India 2020.

डॉ. कलाम देश के पहले और एकमात्र वैज्ञानिक राष्ट्रपति थे.

12. भारत के 12वें राष्ट्रपति – 

12वे राष्ट्रपति कार्यकाल
प्रतिभा पाटिल 2007-2012

प्रतिभा पाटिल देश की 12वे राष्ट्रपति होने के साथ साथ पहली महिला राष्ट्रपति भी हैं, इनका पूरा नाम प्रतिभा देवी सिंह पाटिल हैं, राष्ट्रपति के रूप में इनका कार्यकाल 24 जुलाई 2007 से 24 जुलाई 2012 तक रहा.

प्रतिभा पाटिल ने अपने कार्यकाल में क्षमा दान की शक्ति (अनुच्छेद 72) का प्रयोग सर्वाधिक किया हैं.

13. भारत के 13वें राष्ट्रपति – 

13वे राष्ट्रपति कार्यकाल
प्रणब मुखर्जी 2012-2017

प्रणब मुखर्जी भारत के13वे राष्ट्रपति थे, इनका कार्यकाल 24 जुलाई 2012 से 24 जुलाई 2017 तक रहा.

राष्ट्रपति बनने से पहले वे कांग्रेस गवर्मेंट  में भारत सरकार में विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री और योजना आयोग के अध्यक्ष भी थे.

प्रणब मुखर्जी ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रपति के लिए महामहिम शब्द के उपयोग को बंद करवाया था. 

14. भारत के 14वें राष्ट्रपति – 

14वे राष्ट्रपति कार्यकाल
रामनाथ कोविंद 2017-2022

रामनाथ कोविंद भारत के 14वे राष्ट्रपति थे, इनका कार्यकाल 24 जुलाई 2017 से 24 जुलाई 2022 तक रहा.

देश के राष्ट्रपति बनने से पूर्व वे बिहार के राज्यपाल थे.

15. भारत के 15वें राष्ट्रपति – 

भारत की वर्तमान राष्ट्रपति

15वे राष्ट्रपति कार्यकाल
द्रौपदी मुर्मू 2022 से अबतक

द्रौपदी मुर्मू भारत की 15वे राष्ट्रपति हैं, जिनका कार्यकाल 25 जुलाई 2022 से शुरू होकर अबतक चल रहा हैं.

द्रौपदी मुर्मू देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति होने के साथ साथ दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं.

द्रौपदी मुर्मू ने भाजपा पार्टी के टिकट से साल 2000 और 2009 में उड़ीसा के मयुरभंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए दो बार की विधायक हैं.

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत पद्धति द्वारा अनुच्छेद 55 के अनुसार होता हैं.

राष्ट्रपति के चुनाव में जनता सीधे वोट नही देती बल्कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि जैसे विधानसभाओ के विधायक और लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य वोट देती हैं.

राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य व विधान परिषद् के सदस्य, राष्ट्रपति चुनाव में वोट नही कर सकता.

राष्ट्रपति के चुनाव में वोट करने वाला सदस्य एक व्यक्ति को न चुनते हुए अपनी पसंद के सदस्यों की वरीयत चुनता हैं, अर्थात वोट देते हुए वह अपनी पहली, दूसरी, तीसरी और आगे ऐसे ही अपने पसंद की वरीयता चुनता हैं.

यह प्रक्रिया तब तक चलता हैं जब तक कि यह फैसला न हो जाये कि सबसे ज्यादा वोट किसे मिले हैं.

और जो उम्मीदवार इस वरीयता के क्रम में सबसे नीचे होता हैं उसे बाहर कर दिया जाता हैं.

 जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलता हैं उसे राष्ट्रपति चुन लिया जाता हैं.

राष्ट्रपति को शपथ कौन दिलाता है?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 60 में भारत के राष्ट्रपति के शपथ से संबंधित बातो का उल्लेख मिलता हैं.

भारत के राष्ट्रपति को शपथ सर्वोच्च न्यायलय का चीफ जस्टिस दिलाता हैं, चीफ जस्टिस के अनुपस्थिति में सर्वोच्च न्यायलय के वरिष्ठ न्यायधीश राष्ट्रपति को शपथ दिलाता हैं.

राष्ट्रपति अपने पद एवं गोपनीयता का शपथ लेता हैं.

भारत के राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?

भारत के राष्ट्रपति का कार्यकाल अधिकतम 5 साल के लिए होता हैं, लेकिन राष्ट्रपति कितने कार्यकाल तक राष्ट्रपति का चुनाव लड़ सकता हैं इसके बारे में संविधान में कोई उल्लेख नही मिलता.

भारत के राष्ट्रपति की नियुक्ति कौन करता है?

राष्ट्रपति की नियुक्ति निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा होता हैं, इस निर्वाचक मंडल में लोकसभा व राज्य सभा के निर्वाचित सदस्य और केंद्र शासित प्रदेशो दिल्ली व पांडिचेरी के विधानसभा के निर्वाचित सदस्य शामिल रहते हैं.

भारत के राष्ट्रपति का वेतन कितना है?

भारत के राष्ट्रपति का मासिक वेतन 5 लाख रुपये महिना हैं जिस पर किसी भी प्रकार का कोई टैक्स नही लगता हैं.

इसके अलावा राष्ट्रपति को सरकारी आवास और भत्ते भी दिए जाते हैं.

राष्ट्रपति के सेवानिर्वित्त होने के बाद 9 लाख रुपये सालाना पेंशन भी मिलता हैं.

भारत के राष्ट्रपति की शक्तियां और कार्य – 

राष्ट्रपति को भारतीय संविधान के अनुसार कई प्रकार की शक्तियां प्राप्त हैं जिसका उपयोग वे समय समय पर करती हैं जैसे –

  • कार्यपालिका शक्ति
  • विधायी शक्ति
  • न्यायिक शक्ति
  • सैन्य शक्ति
  • विवेकीय शक्ति
  • आपातकालीन शक्तियां
  • वीटो शक्तियां

भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में कौन भाग नहीं लेता है?

भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदनों लोकसभा व राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य और विधान परिषद् के सदस्य भाग नही ले सकते.

भारत के राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही कौन शुरू कर सकता है?

महाभियोग राष्ट्रपति को उनके पद से कार्यकाल पूरे होने से पहले हटाये जाने की एक प्रक्रिया हैं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 61(1) में राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया का उल्लेख मिलता हैं.

राष्ट्रपति पर महाभियोग संविधान के उल्लंघन के आरोप पर लाया जाता हैं, राष्ट्रपति पर महाभियोग का प्रस्ताव लाने से पूर्व राष्ट्रपति को 14 दिन पहले लिखित में सुचना देना अनिवार्य होगा.

राष्ट्रपति पर महाभियोग संसद के किसी भी सदन में पहले लाया जा सकता हैं लेकिन जिस भी सदन में राष्ट्रपति पर महाभियोग लाया जा रहा हैं वहा यह जरुरी होगा कि उस सदन के एक चौथाई सदस्यों का हस्ताक्षर हो. 

जिस सदन में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया हैं वहा इसे पास करने के लिए यह आवश्यक होगा कि उस सदन के दो तिहाई सदस्यो द्वारा यह प्रस्ताव पारित हो.

पहले सदन में पारित हो जाने के बाद यह प्रस्ताव दूसरे सदन में लाया जाता हैं, दूसरे सदन में महाभियोग के इस प्रस्ताव की जाँच किया जाता हैं और अगर जाँच में राष्ट्रपति दोषी पाई जाती हैं तो राष्ट्रपति को तत्काल अपना पद त्याग करना होता हैं.

भारत के राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसे संबोधित करते हुए देते हैं?

राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को संबोधित करते हुए देता हैं, अगर किसी परिस्थिति में राष्ट्रपति अपने कार्यकाल पूर्ण होने से पहले ही वह अपने पद से त्यागपत्र देना चाहे तो ऐसी परिस्थिति में वह अपना त्यागपत्र केवल उपराष्ट्रपति को ही देगा.

जब तक राष्ट्रपति का पद रिक्त बना रहता हैं तब तक उपराष्ट्रपति ही राष्ट्रपति के सभी कार्य और दायित्वों को संभालेगा अर्थात उपराष्ट्रपति को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में तब तक कार्य करना होगा जब तक की नया राष्ट्रपति न आये.

भारत में राष्ट्रपति शासन कितनी बार लग चुका है?

स्वतंत्र भारत में अबतक 132 बार राष्ट्रपति शासन लग चूका हैं, राष्ट्रपति शासन भारत के कोई भी राज्य में राजनितिक या संवैधानिक विफलता होने पर राष्ट्रपति शासन लगा सकता हैं.

किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास होता हैं, राज्यों में राष्ट्रपति शासन तभी लगाया जायेगा जब संबंधित राज्य के राज्यपाल राष्ट्रपति को राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंषा राष्ट्रपति से करे.

भारतीय संविधान के भाग-18 में अनुच्छेद 355 और अनुच्छेद 356 में राष्ट्रपति शासन का उल्लेख मिलता हैं, अनुच्छेद 355 और अनुच्छेद 356 में एक बहुत बड़ा अंतर हैं.

राज्य में अनुच्छेद 355 लागु करने की स्थिति में उक्त राज्य में सारे संविधानिक अधिकार केंद्र सरकार के पास आ जाती हैं लेकिन राज्य सरकार बनी रहती हैं लेकिन राष्ट्रपति शासन लगे रहने तक वह राज्य से सम्न्धित कोई भी निर्णय नही ले सकती.

वही राज्य में अनुच्छेद 356 लागू होने की स्थिति में राज्य का सारे अधिकार केंद्र सरकार के पास आ जाती हैं और राज्य सरकार को भंग कर दिया जाता हैं.

किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन 6 महीने ले लिए लगाया जाता हैं लेकिन राज्य की परिस्थिति अगर सामान्य नहो हो तो इसे अधिकतम 3 साल तक के लिए बढाया जा सकता हैं.

राष्ट्रपति शासन को कभी भी राज्य की परिस्थिति सामान्य होने की सूरत में हटाया जा सकता हैं.

सवाल-जवाब FAQ – 

भारत के वर्तमान राष्ट्रपति कौन है?

भारत के वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू हैं, द्रौपदी मुर्मू भारत की 15वी राष्ट्रपति होने के साथ साथ पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति तथा दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं, द्रौपदी मुर्मू जी का भारत के 15वे राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल 25 जुलाई 2022 को हुआ था, राष्ट्रपति बनने से पूर्व वह साल 2000 और 2009 में उड़ीसा के मयुरभंज विधानसभा क्षेत्र से दो बार की विधायक रह चूकी हैं.

भारत के प्रथम राष्ट्रपति महिला कौन थी?

भारत के प्रथम राष्ट्रपति महिला श्रीमती प्रतिभा पाटिल थी, इनका पूरा नाम प्रतिभा देवी सिंह पाटिल हैं, वे भारत की पहली महिला राष्ट्रपति होने के साथ साथ भारत की 12वे राष्ट्रपति रही हैं, राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल 24 जुलाई 2007 से 24 जुलाई 2012 तक रहा था, अबतक भारत में दो महिला राष्ट्रपति हुई हैं प्रतिभा पाटिल के अलावा भारत की वर्तमान राष्ट्रपति भी महिला राष्ट्रपति हैं जिनका नाम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू हैं और वे इस समय देश की 15वी राष्ट्रपति हैं.

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